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Kaushambi News: एक रात की चूक और सीजनभर की कमाई खत्म

Thu, 11 Dec 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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सरसवां ब्लाॅक क्षेत्र के तिरहार इलाके में गेहूं के खेत में वनरोज का झुंड। संवाद
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सरसवां ब्लॉक के तिरहार क्षेत्र में वनरोज (नीलगाय) किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। अपनी फसल को बचाने के लिए किसान रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि एक रात की चूक पूरे सीजन की कमाई खत्म कर सकती है। कई किसानों की आधी से अधिक फसल पहले ही उजड़ चुकी है।
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रायपुर, रानीपुर, कटरी, हटवा अब्बासपुर, भारतपुर, भवनसुरी, शाहपुर, उमरावां, महेवाघाट और मुबारकपुर समेत कई गांवों में नीलगाय फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गेहूं, चना, मटर और सरसों की फसलें मिनटों में साफ हो रही हैं। हालात यह है कि किसान कड़कड़ाती सर्दी में रातभर खेतों में अलाव जलाकर पहरा दे रहे हैं।
टिकरा गांव के किसान बड़कू बताते हैं कि तीन बीघे में बोई गेहूं की आधी फसल नीलगायों ने चार दिन में बर्बाद कर दी। वहीं रायपुर के किसान चंद्रभूषण सिंह का कहना है कि यमुना किनारे का कछार और गहरे नाले नीलगायों के लिए मुफीद जगह बन गए हैं, जिससे इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। किसान बीरबल कहते हैं कि फसल न बची तो बच्चों की फीस, घर खर्च और कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा।
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इधर, समर्थ किसान पार्टी के अध्यक्ष अजय सोनी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसी प्रकार युवा किसान कुलदीप त्रिपाठी के अनुसार सिंचाई की कोई सरकारी सुविधा नहीं है। एडीएम शालिनी प्रभाकर ने बताया कि इस समय नीलगाय से फसल क्षति का मुआवजा प्रावधान में नहीं है।
-नीलगाय से बचाव की कोई विशेष योजना फिलहाल नहीं है। हालांकि लाइसेंस धारकों को तय शर्तों पर शिकार की अनुमति दी जा सकती है। मनरेगा के तहत बाड़ लगाने में भी मदद मिल सकती है। - पीके शुक्ला, डीएफओ

सरसवां ब्लाॅक क्षेत्र के तिरहार इलाके में गेहूं के खेत में वनरोज का झुंड। संवाद

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