:: मोबाइल के दौर में बदला डाक विभाग, जिले के 98 डाकघर दे रहे बैंकिंग, बीमा और निवेश की सुविधा
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रेवती रमण त्रिपाठी
भरवारी। कभी डाकिया के आने का पूरे परिवार को इंतजार रहता था। चिट्ठी हाथ में आते ही अपनों के हालचाल और यादों का पिटारा खुल जाता था। अब मोबाइल और इंटरनेट ने चिट्ठियों का दौर लगभग खत्म कर दिया है। पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र भी डाकघरों में पहले जैसे नजर नहीं आते। हालांकि चिट्ठियां कम हुईं तो डाक विभाग की जिम्मेदारियां बढ़ गईं। अब एक ही छत के नीचे 76 तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिले में 98 छोटे-बड़े डाकघर दूर-दराज के लोगों को सेवाएं दे रहे हैं। डाक के साथ बैंकिंग, बीमा, निवेश, आधार और सीएससी सेवाएं भी मिल रही हैं। सब पोस्टमास्टर महेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि सुकन्या समृद्धि, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और एक व पांच वर्ष की जमा योजनाएं भी संचालित हैं।
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रोज हजारों डाक पहुंचती, पार्सल की बुकिंग भी बढ़ी
जिले में रोजाना करीब दो हजार साधारण डाक और 2500 रजिस्टर्ड डाक और स्पीड पोस्ट वितरित होती हैं। करीब 2200 रजिस्टर्ड डाक व स्पीड पोस्ट तथा 180 से अधिक पार्सल की बुकिंग भी होती है। डिजिटल सुविधाओं से बचत खातों की संख्या बढ़ रही है। विश्व डाक दिवस पर शुक्रवार से राष्ट्रीय डाक सप्ताह भी शुरू होगा। चिट्ठियों का जमाना भले बदल गया हो लेकिन डाकिया आज भी लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचा रहा है।
वर्जन::
डाक घर में अब साधारण डाक, रजिस्टर्ड डाक, पार्सल की बुकिंग, उनका वितरण, आधार कार्ड बनाने, अपडेट करने से लेकर कई तरह के बिल का भुगतान किया जा रहा है। गंगाजल, पासपोर्ट, निर्वाचन, टूर एंड ट्रैवल्स, एयर टिकट, रेलवे टिकट, बस टिकट, आईटीआई रजिस्ट्रेशन, फास्टैग, सभी प्रकार के बीमा, एईपीएस सर्विस, आईटी रिटर्न मिनी सेवा समेत 76 सेवाएं एक ही छत के नीचे दी जा रही।
- विनय कुमार साहू, निरीक्षक डाक घर भरवारी।