बिसारा। गांव में बिजली के लिए जिल्लापर के लोगों का शुक्रवार को भी अनशन जारी रहा। नेताओं, अफसरों की वादाखिलाफी से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में ही धरना शुरू कर दिया है। गांववालों का ऐलान है कि गांव का विद्युतीकरण कराए जाने पर ही उनका धरना खत्म होगा। इसके लिए वह आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। अनशन शुरू होने के बाद से आज तक धरना स्थल कोई भी अफसर नहीं पहुंचा। जिसे लेकर लोगों में रोष है।
सिराथू विधानसभा क्षेत्र के जिल्लापर गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं। आजादी के बाद से आज तक गांव का विद्युतीकरण नहीं कराया जा सका है। गांव के रमेशचंद्र मौर्य, बृजेश कुमार, वीरेंद्र पांडेय, चंदन, आशीष कुमार, धर्मराज, कमलेश कुमार आदि ने बताया कि अब तक उनके गांव में बिजली नहीं आई है। पूरा गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। लोगों को रात में रोशनी के लिए अब भी ढिबरी ही जलानी पड़ती है।
ग्रामीणों की मानें तो पिछले 10 साल से वे सांसद, विधायक और अफसरों से बिजली की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन लोगों ने बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए धरना दिया था। साथ ही मतदान बहिष्कार का ऐलान भी किया। ग्रामीण बताते हैं कि तब एसडीएम सिराथू, एसडीओ मंझनपुर के साथ ही भाजपा नेता संजय गुप्ता आदि गांव आए थे। अफसरों और नेताओं ने महीनेभर के भीतर गांव के विद्युतीकरण का आश्वासन दिया था। पर, छह महीने से भी ज्यादा का समय बीतने के बाद भी गांव में अब तक खंभे-तार नहीं लगाए जा सके हैं। अफसर-नेताओं की इस वादाखिलाफी को लेकर रविवार से गांववाले अनशन पर बैठे है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका धरना गांव में बत्ती जलने के बाद ही खत्म होगा।