मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देता पीड़ित परिवार। स्रोत : सोशल मीडिया
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कोखराज थाना क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर चायल से भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता और दो पूर्व चेयरमैन सहित सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि फर्जी कागजात के आधार पर आरोपियों ने महिला के मकान पर कब्जा करवाया।
कौशाम्बी की राजदुलारी केशरवानी मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची थीं। बताया कि उनके पति उमाशंकर केशरवानी ने 1970 में जमीन खरीदी और उस पर तीन मंजिला भवन बनवाया। पति की वर्ष 2004 में मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने संपत्ति हड़पने की साजिश रची। राजनीतिक हैसियत का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए, जिसमें पति की मृत्यु 30 वर्ष पूर्व दिखाई। फिर सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर भवन का अवैध नामांतरण अपने सहयोगियों के नाम कर दिया।
महिला ने बताया कि वर्षों तक स्थानीय स्तर पर उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया। पुलिस ने प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की। आरटीआई के माध्यम से सत्यापन भी नहीं होने दिया गया। पूरा मामला राजनीतिक दबाव में दबा रहा। राज्य सूचना आयोग की ओर से दो बार जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिला को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
पुलिस ने सोमवार देर रात पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भरवारी के पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी (सपा प्रदेश सचिव) उनकी पत्नी पूर्व चेयरमैन सुनीता केसरवानी (पूर्व चेयरमैन भरवारी), दिलीप, अजय, विजय और संजय निवासी मुंबई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
सोमवार को मुख्यमंत्री जनता दरबार से राजदुलारी नाम की महिला का शिकायती पत्र उनके पास आया था, जिसमें आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश किया गया था। उसी के आधार पर पूर्व विधायक, पूर्व चेयरमैन समेत सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। - राजेश कुमार, एसपी कौशाम्बी