बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित नहीं रहें, इसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। वृद्धों के लिए ई-रिक्शा तो दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल का बंदोबस्त किया गया है। गर्मी को देखते हुए सभी पोलिंग बूथों पर कूलर भी लगवाए जाएंगे। इस पूरे काम का जिम्मा ग्राम सभा तथा नगर पंचायत के जिम्मेदारों को सौंपा गया है।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कौशाम्बी में करीब 53 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ जिला प्रशासन ने भी एंड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। गांवों, कस्बों में रहने वाले दिव्यांग मतदाताओं के लिए ट्राईसाइकिल का इंतजाम किया गया है। ग्राम प्रधान तथा नगर अध्यक्ष अपने लोगों/कर्मचारियों से दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल के जरिए मतदात केन्द्र तक पहुंचाएंगे। वोट डालने के बाद वापस घर भी भेजवाएंगे। ऐसे ही वृद्ध मतदाता यानी बाबा-दादी के लिए ई-रिक्शा का बंदोबस्त किया गया है। नगरों, गांवों के जिम्मेदार ई-रिक्शा से बुजुर्ग मतदाओं को पोलिंग बूथ तक लाने और फिर घर ले जाने का काम करेंगे। इस भीषण गर्मी में वोटरों की परेशानी कुछ हद तक कम करने के लिए पोलिंग बूथों पर कूलर भी लगवाया जाएगा। ताकि, वोटर ठंडी हवा ले सकें।