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पीड़ित महिलाओं से अफसर भी कर रहे नाइंसाफी

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पीड़ित महिलाओं से अफसर भी कर रहे नाइंसाफी
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पीड़ितों को दिया जाना है योजनाओं का लाभ
शासन को ब्योरा नहीं भेज रहे जिले के अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। तीन तलाक की मार झेल रही दोआबा की महिलाओं संग अफसर भी नाइंसाफी कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार मांगे जाने के बाद भी उनका ब्यौरा शासन को नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे पीड़िताओं को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अफसरों की मनमानी पर बिफरे विशेष सचिव ने जिलाधिकारी को पत्रकर शीघ्र डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 सितंबर को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि उनकी सरकार तीन तलाक पीड़िताओं को आवास, आयुष्मान और जन आरोग्य योजना का लाभ देगी। सीएम का वादा पूरा करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (शासन) ने 25 अक्तूबर को जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। इसमें तलाक पीड़ित महिलाओं का निर्धारित प्रारूप पर ब्यौरा मांगा गया था। ब्यौरा नहीं भेजे जाने पर शासन की ओर से चार नवंबर को फिर से रिमाइंडर भेजा गया। बेपरवाही की हद है कि इसके बाद भी अभी तक अफसर ब्यौरा नहीं भेज सके हैं। अधिकारियों की इस अनदेखी से नाराज उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव शत्रुंजय कुमार सिंह ने 20 दिसंबर को जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। कहा है कि मांगा गया ब्यौरा अविलंब शासन को उपलब्ध कराया जाए। हालांकि अब जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा भी मातहतों की ढिलाई पर खफा हो गए हैं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि शीघ्र ब्यौरा नहीं भेजे जाने पर मातहतों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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