सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में पांच घंटे गायब रहती है पुलिस
दो शिफ्ट में चार सिपाहियों की ड्यूटी लगाने का किया जा रहा दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सरायअकिल। कोतवाली इलाके के एक गांव में रहने वाली सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पुलिस सुरक्षा को लेकर बेफिक्र है। पीड़ित परिवार ने पुलिस के आला अफसरों से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, फिर भी पुलिस पीड़िता के यहां पांच घंटे नहीं रहती। कोतवाली में दो शिफ्ट में चार सिपाहियों की ड्यूटी लगाने का दावा किया जा रहा है।
कोतवाली इलाके के एक गांव की अनुसूचित जाति की एक किशोरी के साथ 14 सितंबर को गांव के तीन लोगों दुष्कर्म किया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया। घटना के तीनों आरोपी जेल में है। उधर पीड़िता के घरवाले अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान है। पुलिस के आला अफसरों से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा वह लोग खटखटा चुके हैं। हाईकोर्ट ने पीड़िता को सुरक्षा दिए जाने का आदेश भी दे रखा है। इसके बाद भी पीड़िता परिवार सुरक्षा को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। पीड़िता की मां का कहना है कि सुबह नौ बजे पुलिसकर्मी चले जाते हैं। इसके करीब पांच घंटे बाद ही दूसरे पुलिसकर्मी आते हैं। जबकि इंस्पेक्टर पीके सिंह का दावा है कि सुबह नौ बजे से लेकर रात नौ बजे तक व रात नौ बजे से लेकर सुबह नौ बजे तक दो शिफ्ट में चार सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ड्यूटी मौके पर ही बदली जाती है। वह खुद व सीओ समय-समय पर मौके में जाकर ड्यूटी चेक करते हैं। पुलिस पर लगाए जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं।