सूबे का निजाम बदल गया। जिले के केशव प्रसाद मौर्य डिप्टी सीएम हो गए हैं। इसके बाद भी अधिकारियों के रवैये में कोई सुधार सोमवार को नहीं दिखा। सबकुछ पहले जैसा ही दिखा। सोमवार को 11 बजे तक अधिकांश अधिकारी दफ्तर से गायब रहे। सरकारी अस्पताल से लेकर विकास भवन तक सूना रहा। अधिकारियों की गैरहाजिरी का कर्मचारियों ने भरपूर फायदा उठाया और वह मनमानी करते रहे। अमर उजाला टीम ने सोमवार को पड़ताल की तो यही हकीकत सामने आई।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जिला कौशाम्बी को बदलने में अभी वक्त लगेगा। यह यहां के अफसरों ने सोमवार को साबित कर दिया है। सत्ता बदलते ही आम जनता का मिजाज भी बदल चुका है, लेकिन अफसर नहीं बदले हैं। सोमवार को दोपहर 11 बजे विकास भवन पर नजर डाली गई तो सीडीओ, पीडी, डीपीआरओ व सीवीओ को छोड़ सभी विभागाध्यक्षों की कुर्सियां खाली नजर आई। बीडीओ मंझनपुर से लेकर विकास भवन से संचालित हो रहे डीसी मनरेगा, डीडीओ, डीपीओ, एआर-कोआपरेटिव, सेवायोजन आदि दफ्तरों से विभागाध्यक्ष गायब रहे। अफसरों के न रहने पर उनके कार्यालयों में तैनात कर्मचारी भी इधर-उधर मस्ती करते देखे गए। किसी में तनिक भी इस बात का खौफ नहीं दिखा कि डिप्टी सीएम जिले के हैं।
फरमान आने का इंतजार कर रहे कई विभागाध्यक्ष
सपा शासन काल में सीटों पर रहकर मलाई काटने वाले विभागाध्यक्षों को स्थानांतरण का पूर्वाभास है। कई तो ऐसे हैं जो पूरी तरह से इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनका जाना तय है। ऐसे में नई सरकार को लेकर न तो उनकी कार्यशैली में बदलाव हुआ है और न ही काम में उनका मन ही लग रहा है। वह अपने-अपने विभागीय मातहतों पर दबाव बनाकर पुराना हिसाब चुकता करने में भिड़े हैं। कुछ अधिकारी संशय में हैं कि उनका स्थानांतरण होगा या नहीं। उधेड़बुन की इस दशा में उनका मन काम में नहीं लग रहा है।
दफ्तरों में शुरू हुई भाजपाइयों की चहलकदमी
शपथ ग्रहण समारोह होने के बाद ठीक दूसरे दिन सोमवार को विकास भवन में भगवाधारियों की चहल कदमी शुरू हो गई है। वह सीडीओ, डीपीआरओ सहित विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर विभागीय योजनाओं की जानकारी करने में जुट गए हैं। सोमवार को एक सांसद के प्रतिनिधि ने कई विभागों में जाकर केंद्र की संचालित योजनाओं की जानकारी ली। भगवाधारी नेता कहीं नाराज न हो जाए, इसको लेकर अफसर सतर्क रहे और सभी जानकारियां देते रहे।