समाजवादी पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को सीएम का संदेश घर तक पहुंचाने का निर्देश प्रमुख सचिव ने दिया था। यह संदेश चिट्ठी के माध्यम से भेजना था लेकिन मंडल के सभी जिलों में शत-प्रतिशत लाभार्थियों को संदेश वितरित नहीं हुआ। कमिश्नर ने समीक्षा की तो स्थिति चौंकाने वाली थी। इससे नाराज कमिश्नर ने जिले के अफसरों को एक हफ्ते की मोहलत दी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों को घर-घर संदेश भेजने का निर्देश दिया था। यह संदेश उनके नाम से है। इसमें समाजवादी पेंशनर को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का भी जिक्र किया गया है। मसलन टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में मिलने वाली निशुल्क सेवा का उल्लेख किया गया है। जनपद में 89 हजार 336 पेंशनर हैं। इनमें से 25 हजार पेंशनर को ही डाक से संदेश भेजा जा चुका है।
यही हाल इलाहाबाद, प्रतापगढ़ का भी है। फतेहपुर में एक भी संदेश नहीं वितरित किया गया। प्रमुख सचिव समाज कल्याण ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अधिकारियों को चेतावनी दी तो कमिश्नर ने अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कमिश्नर ने सीएम के संदेश को एक हफ्ते के भीतर ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों के जरिए डाक से भेजवाने का निर्देश जारी किया है।
किस जनपद की क्या है स्थिति
जनपद पेंशनर संदेश वितरण
इलाहाबाद 141124 39820
फतेहपुर 104027 शून्य
कौशाम्बी 89336 25000
प्रतापगढ़ 92393 20000
संदेश न वितरित होने से सपाई नाराज
सीएम का संदेश पेंशनरों को न मिलने से सपाई नाराज हैं। वह इसे गंभीर मामला भी मान रहे हैं। चुनाव से पहले संदेश के जरिए पेंशनरों तक अपनी बात पहुंचाने का इसे एक बेहतर माध्यम बनाया गया था लेकिन उस पर भी अफसर पानी फेरने पर आमादा हैं, यही कारण है कि सपाई खफा हैं।