कादीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में 9.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नर्सिंग कॉलेज भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस माह भवन के औपचारिक हैंडओवर की तैयारी चल रही है। भवन शुरू होने के बाद जिले के छात्रों को स्थानीय स्तर पर ही नर्सिंग की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
नर्सिंग कॉलेज के भवन में आधुनिक कक्षाएं, प्रैक्टिकल लैब और प्रशिक्षण कक्ष विकसित किए गए हैं। छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नर्सिंग कॉलेज के संचालन से जिले में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी।
इससे मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। अभी तक नर्सिंग शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सकेगी। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद तकनीकी परीक्षण और औपचारिक प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं। प्रशासन का दावा है कि इस माह भवन को हैंडओवर कर संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
बजट की कमी से निर्माण में देरी
:: नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य जून 2024 में शुरू हुआ था। निर्धारित समय सीमा के अनुसार इसे सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन बीच में बजट की कमी के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई। धनराशि समय पर उपलब्ध न होने से निर्माण में कुछ समय लगा। हालांकि, बाद में बजट जारी होने पर कार्य में तेजी लाई गई और अब भवन पूरी तरह तैयार है।
संवाद
हॉस्टल में 60 कमरे, एक कक्ष में रहेंगे दो विद्यार्थी
:: यूपीसिडको के जेई अतुल कुमार ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए 60 कमरों का हॉस्टल तैयार किया गया है। प्रत्येक कमरे में दो छात्राओं के रहने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें पर्याप्त स्थान और सुविधा मिल सके। इसके अलावा कॉलेज परिसर में डायनिंग हॉल, किचन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी की जा रही हैं।
नर्सिंग कॉलेज भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सरकार की योजना के तहत जल्द ही यहां नर्सिंग की पढ़ाई शुरू की जाएगी। कॉलेज के संचालन से जिले के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही नर्सिंग शिक्षा उपलब्ध होगी, जिससे उनका भविष्य मजबूत होगा। -
डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज। संवाद