शनिवार से से दो माह तक शहनाई की गूंज सुनाई नहीं देगी। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि शुक्र अस्त व खरमास लगने के कारण शादी विवाह नहीं हो सकेंगे। दो फरवरी को शुक्र उदय के बाद ही शहनाई सुनाई देगी।
हिंदू पंचागों में शादी के मुहूर्त छह दिसंबर तक हैं। इसके बाद शुक्र वार्धक्य आदि दोष होने से शादी के मुहूर्त नहीं है। हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 11 दिसंबर को शुक्रास्त व 16 दिसंबर को खरमास लगने के कारण शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। शादी-विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदित होना आवश्यक है।
खरमास के कारण 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक शुभ कार्य नहीं होंगे। नए साल में शादी का योग जनवरी के बजाए फरवरी से शुरू हो रहा है। 15 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बावजूद शादियों की शहनाइयां नए साल में 5 फरवरी से ही गूंजेंगी।
जून में अधिकमास और जुलाई-नवंबर के बीच चातुर्मास
ज्योतिषाचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री के अनुसार वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। इस दौरान दो माह ज्येष्ठ रहेगा। ऐसे में शादी-विवाह जैसे शुभकार्य नहीं होंगे। 17 मई से 15 जून और 16 जून से 14 जुलाई के बीच ज्येष्ठ माह रहेगा। इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार महीने के योग निंद्रा में चले जाएंगे। भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है। चातुर्मास, देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी के बीच होती है।
शादियों की तिथियां :
फरवरी : 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 : 12
मार्च : 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12 : 08
अप्रैल : 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 : 08
मई : 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 : 08
जून : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 : 08
जुलाई : 1, 6, 7, 11 : 04
नवंबर : 21, 24, 25, 26 : 04
दिसंबर : 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 : 07