ग्राम विकास व ग्राम पंचायत सचिवों ने गैर विभागीय कार्य कराने और निजी वाहन से सरकारी काम करवाए जाने का कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर सचिवों ने ब्लॉक परिसर में काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया।
संगठन के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार सचिवों पर लगातार कार्यभार बढ़ा रही है, जबकि आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। इससे सचिव मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं।
महामंत्री मो. नसर ने कहा कि सभी सचिव 10 दिसंबर से सरकारी कार्यों के लिए अपने निजी वाहन का उपयोग नहीं करेंगे। यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो 15 दिसंबर से ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार कर अपने डोगल ब्लॉक में जमा कर देंगे। इस मौके पर पंकज मौर्या, कमलेश कुमार, विपुल मौर्या, लक्ष्मी नारायण, कुलदीप सिंह, विष्णुदत्त शुक्ला, महेश शुक्ला और किरण पटेल मौजूद रहीं।
मांगों को लेकर पंचायत सचिवों का सत्याग्रह
केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कौशाम्बी ब्लॉक परिसर में ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह किया।
सचिवों ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति, गैर विभागीय कार्य, सीमित भत्ते और अनियमित कार्य ने कर्मचारियों को परेशान कर दिया है। सचिवों का आरोप है कि सिर्फ 200 रुपये साइकिल भत्ता, मोबाइल और डाटा का निजी खर्च और सुबह आठ बजे से अनिश्चित समय तक कार्य करने की बाध्यता से वे परेशान हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिसंबर के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस मौके पर वसीम अहमद, रामभवन, सुनील यादव, सुशील सिंह, नितिन कुमार, संदीप कुमार, रामगोविंद, भावेश शुक्ल, गौरव पटेल, दीपक सिंह, अमित सिंह, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
कड़ा ब्लॉक में सचिवों ने दिया धरना
पंचायत सचिवों ने ब्लॉक कार्यालय में काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह अनशन किया। सचिवों का आरोप है कि राजस्व, कृषि और स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों के कार्य पंचायत सचिवों पर थोपे जा रहे हैं।
ब्लॉक अध्यक्ष विकास शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी सहित कई नई व्यवस्थाओं से सचिवों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, अनशन जारी रहेगा। इस दौरान सुरेश मौर्य, रमेश चंद सोनकर, ताज मोहम्मद, शरद श्रीवास्तव, रोशन लाल, प्रदीप प्रजापति, आफताब आलम, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
सिराथू में काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठे पंचायत सचिव
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को ग्राम पंचायत सचिवों ने ब्लॉक कार्यालय में काली पट्टी बांधकर धरना दिया। सचिवों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन बीडीओ भावेश कुमार शुक्ला को सौंपा।
जिला अध्यक्ष पूरनचंद्र ने कहा कि कई सचिवों को चार-पांच गांवों की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति के चलते 30- 40 किलोमीटर दूर ब्लॉक कार्यालय दिन में दो बार जाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो लखनऊ विधानसभा के सामने धरना देंगे। इस मौके पर विनय सिंह, अर्चना सरोज, सतीश चौधरी, जगजीत कुमार, प्रदीप सरोज, नीरज यादव, प्रदीप कुमार और उदय पटेल आदि मौजूद रहे।
कौशाम्बी में धरना प्रदर्शन करते ग्राम पंचायत सचिव। संवाद
कौशाम्बी में धरना प्रदर्शन करते ग्राम पंचायत सचिव। संवाद