मंझनपुर। जिले में आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए राहतभरी खबर है। अक्तूबर माह से प्रारंभ होने वाली आलू की बुवाई के लिए सरकार ने बीज की कीमत तय कर दिया है। अच्छा से अच्छा बीज 3150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इससे अधिक दाम वसूलने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दोआबा के किसान आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। यहां तकरीबन छह हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की बुवाई की जाती है। इधर महीने भर से खुले बाजार में आलू का भाव 35-40 रुपये प्रति किलो चल रहा है। अक्तूबर माह से प्रारंभ होने वाली बुवाई के लिए किसानों को आलू के बीज की जरूरत है। बाजार का चढ़ा भाव देख किसानों को पसीना छूट रहा है। ऐसे में किसानों की समस्या को देखते हुए उद्यान विभाग ने आलू के बीज का मूल्य निर्धारित कर दिया है। जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर ने बताया कि शासन की ओर से बीज की पांच श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
पहली श्रेणी के बीज आधारीत प्रथम की कीमत 3150 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। इसके अलावा आधारित द्वितीय का भाव 2675 रुपये प्रति क्विंटल, ओवरसाइज आधारित प्रथम 2475 रुपये, ओवरसाइज आधारित द्वितीय 2375 रुपये तथा सीड साइज ट्रुथफुल 2280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। व्यापारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह किसानों से इससे अधिक कीमत नहीं वसूलेंगे। डीएचओ ने बताया कि जरूरत पडृने पर उद्यान विभाग भी किसानों को बीज उपलब्ध कराएगा। इसके लिए पांच सौ क्विंटल आलू बीज की डिमांड शासन से कर दी गई है।
शीतगृहों में डंप है 30 हजार एमटी आलू
मंझनपुर। जिले के अलग-अलग हिस्सों में 95, 646 एमटी की क्षमता वाले दस कोल्ड स्टोर संचालित हो रहे हैं। इस बार सीजन में ही अच्छा भाव मिलने से ज्यादातर किसानों ने अपना आलू बेच लिया था। नतीजतन शीतगृहों में आधी जगह खाली रह गई। इधर बीच कीमतें महंगी होने पर कोल्ड स्टोरों से आलू निकलना शुरू हुआ है। पर, अभी 60 फीसदी (लगभग 30 हजार एमटी) आलू भंडारित है। डीएचओ सुरेंद्र राम भाष्कर का कहना है कि भंडारित आलू शीत गृहों से बाहर निकलने के बाद कीमतों में गिरावट आना तय है।
शासन ने आलू की दरें निर्धारित कर दी हैं। हालांकि विभाग को अभी बीज का आवंटन नहीं हुआ है। दुकानदारों को निर्धारित दरों पर ही आलू बीज बेचने की हिदायत दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही विभाग को भी बीज आवंटित हो जाए। इसके बाद किसान जरूरत पड़ने पर विभाग से भी बीज खरीद सकेंगे। -सुरेंद्र राम भाष्कर, डीएचओ