पश्चिमशरीरा उपकेंद्र में लगने वाला नए ट्रांसफाॅर्मर की जगह को चिह्नित करते एसडीओ व अवर अभियंता।
क्षेत्र के उपकेंद्र की क्षमता में पांच एमवीए (मेगावोल्ट-एम्पीयर)की वृद्धि की जा रही है। अब 20 एमवीए की जगह 25 एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया जाएगा। उम्मीद है कि विद्युत विभाग की इस कवायद से उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली का करंट तेज दाैड़ेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
पश्चिमशरीरा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 42 गांवों को दो टाउन, चार ग्रामीण और तीन कृषि फीडर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। एसडीओ आदर्श केसरवानी ने बताया कि उपकेंद्र पर वर्तमान में दस-दस एमवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। इनकी क्षमता कम होने के कारण परेशानी होती थी।
बीते वर्ष अवर अभियंता जसवंत सिंह ने बिजनेस प्लान के तहत पांच एमवीए का नया ट्रांसफाॅर्मर लगाने का प्रस्ताव भेजा था। जिसकी स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही नया ट्रांसफाॅर्मर आने वाला है। इसके बाद उपकेंद्र की क्षमता 25 एमवीए हो जाएगी। इससे फीडरों पर लोड का संतुलन बेहतर रहेगा। इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। उनको निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
नया ट्रांसफाॅर्मर दो फीडरों से जोड़ा जाएगा जिससे कई गांवों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। नए ट्रांसफाॅर्मर की स्थापना से गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने पर भी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज स्थिर रहेगा और ट्रिपिंग की समस्या में भी कमी आएगी। इसका लाभ आम लोगों के साथ ही किसानों को भी मिलेगा।