जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
बेसिक शिक्षा विभाग स्कूलों में बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाएगा। साथ ही ई-कचरा प्रबंधन और ओजोन संरक्षण पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों में ई-कचरा संग्रहण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में पहल की है। अभियान के तहत विद्यालयों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के उचित निस्तारण व पुनः उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालय में ई-कचरा संग्रहण केंद्र स्थापित कर पुराने मोबाइल, चार्जर, कीबोर्ड, माउस, तार, बैटरी और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एकत्र किए जाएंगे।
विद्यालय स्तर पर अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की सूची तैयार कर अधिकृत ई-कचरा संग्रहकर्ताओं के माध्यम से उसका सुरक्षित निस्तारण कराया जाएगा। जागरूकता अभियान के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण और शपथ कार्यक्रम आयोजित होंगे।
प्रार्थना सभा में ओजोन फ्रेंडली उत्पादों के उपयोग, ओजोन परत के महत्व और उसके क्षरण से होने वाले दुष्परिणामों पर व्याख्यान भी कराए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि छात्र-छात्राएं स्वयं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों और अपने परिवार व समाज को भी ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रेरित करें।