नोट बंद के बाद चौथे दिन बैंकों ने ग्राहकों से लापरवाही बरतनी शुरू की। लाइन में घंटों लोगों को खड़ा कराने के बाद ग्राहकों को बैंक कर्मियों ने बिना भुगतान किए वापस किया। इससे लोग आपे से बाहर दिखे। मूरतगंज, करारी, मंझनपुर के अलावा दर्जनों बैंकों से इस तरह की शिकायतें आईं। बैंक कर्मियों पर लोगों ने इस दौरान गुस्सा भी जमकर निकाला।
जमकर किचकिच हुई लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। रुपया न मिलने पर लोगों ने अपनी जमकर भड़ास निकाली। कोई मैनेजर पर गुस्सा था तो कोई कैशियर पर। मजदूर तबके को अब काम भी नहीं मिल रहा है। जब लोगों के पास रुपया ही नहीं है तो वह काम कैसे करवाएं। दिहाड़ी मजदूर इससे परेशान हैं। वह पाई-पाई को मोहताज हैं।
25 सौ रुपया बदलने के लिए तीन दिन से बीओबी मूरतगंज आ रहे हैं। महिला कैशियर की लापरवाही से रुपया नहीं मिल सका है।
मुबीन अहमद निवासी मूरतगंज
दो दिन से परेशान हूं। बैंक से रुपया नहीं दिया जा रहा है। जरूरत की चीजें भी खरीदने के लिए जेब में फुटकर पैसा नहीं बचा है।
लक्ष्मीनारायण निवासी उजिहिनी
11 बजे से लाइन में लगा था। तीन बजे काउंटर पर पहुंचा तो बीओपी मूरतगंज की कैशियर ने यह कहकर वापस कर दिया कि कैश नहीं है।
हाजी नईमउद्दीन निवासी मूरतगंज
15 दिन बाद लड़के की शादी है। सामान की खरीदारी करनी है। दो हजार रुपये की सख्त जरूरत थी, लेकिन वह भी यूनियन बैंक करारी की शाखा से नहीं मिला।
हुसना बीबी निवासिनी करारी
खाने-पीने का सामान खत्म हो चुका है। गल्ला बेचकर तीन हजार रुपया बैंक में जमा किया था। अब बैंक वाले कह रहे हैं कि कैश नहीं है।
संजू देवी निवासिनी बरलहा