जिले में कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर का निपुण आकलन दिसंबर माह में कराया जाएगा। इसके लिए तैयारी तेज कर दी गई है। जिले के करीब 45 हजार बच्चे इस आकलन का हिस्सा बनेंगे। मूल्यांकन की जिम्मेदारी डायट प्रशिक्षुओं को दी जाएगी। जो चयनित विद्यालयों में निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से बच्चों का आकलन करेंगे।
निपुण आकलन के लिए प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशकों, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी और डीएलएड प्रशिक्षुओं को किस प्रकार सहयोग करना है, इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से यूट्यूब सेशन के जरिए मिलेगा।
इस आकलन में कक्षा एक व दो के छात्रों की हिंदी और अंग्रेजी विषय की समझ को परखा जाएगा। डायट प्राचार्य निधि शुक्ला ने बताया कि डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन होने के कारण इसमें पारदर्शिता और सटीक जानकारी मिलेगी।
मूल्यांकन के दौरान पोर्टफोलियो, समूह कार्य, प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले और मौखिक प्रस्तुति जैसे तरीकों का उपयोग होगा। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि निपुण आकलन बच्चों के सीखने के स्तर को समझने का प्रभावी माध्यम है।