एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को पुरखास और युसुफपुर गांव में चले तलाशी अभियान के दौरान करीब पांच दर्जन घरों की तलाशी ली गई। इस दौरान सिंगल व डबल बैरल की चार-चार लाइसेंसी बंदूकें, 315 बोर की तीन, 30 बोर की एक लाइसेंसी राइफल, 12 बोर के चार तमंचे व एक अद्धी, 315 बोर के तीन तमंचे, 32 बोर की एक रिवाल्वर, 141 कारतूस, 11 खोखा, तीन चाकू व एक चापड़ बरामद हुआ है। पुलिस ने कवि और उसके परिवार को पनाह देने के साथ ही आर्थिक मदद एवं असलहा मुहैया कराने के आरोप में एहतेशाम के भाई एहसानुल करीम व बेटे दानियाल समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया है।
सभी के खिलाफ लिखित कार्रवाई कर फरार शूटर कवि व गनर एहतेशाम के बारे में पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा अब्दुल कवि के भाई अब्दुल हई की ससुराल युसुफपुर गांव में अब्दुल जिलानी के यहां है। अब्दुल हई पुलिस में है। रविवार को एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस ने अब्दुल जिलानी के यहां छापा डाला। तलाशी व पूछताछ के दौरान खास सुराग नहीं मिलने पर पुलिस वापस लौट गई।
एसपी ने बताया कि राजू पाल हत्याकांड में वांछित इनामी शूटर भखंदा गांव के अब्दुल कवि व उसके शरणदाताओं के खिलाफ सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पुरखास गांव का रहने वाला एहतेशाम उर्फ करीम बाबा पूर्व में माफिया अतीक अहमद का गनर रह चुका है। इस दौरान एएसपी समर बहादुर समेत सीओ चायल श्यामकांत, सिराथू सीओ डॉ. केजी सिंह एवं मंझनपुर सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण समेत कई थानों की पुलिस फोर्स व पीएचसी मौजूद रही।
ये आए पुलिस की गिरफ्त में
पुरखास गांव के मो. अनस, हमीदुल गुफरान, दानियाल करीम, एहसानुल करीम, नफीस अहमद, सतीश विश्वकर्मा, युसुफपुर गांव के अख्तर हुसैन, भरवारी के नवाज अशरफ व फकीराबाद का अजीत प्रताप सिंह हैं।
चार शादियां की हैं एहतेशाम
माफिया अतीक का सरकारी गनर रह चुका पुरखास निवासी एहतेशाम बीवियां बदलने का शौकीन है। वह चार शादियां कर चुका है। 20 साल पहले उसने कानपुर की यास्मीन अख्तर से निकाह किया था। जिससे एक बेटा दानियाल और बेटी शायरा है। यास्मीन की बीमारी के चलते 2006 में मौत हो गई थी। इसके बाद उसने दूसरा निकाह साली नाफीन अख्तर से किया। नाफीन से भी एक बेटी आयजा पैदा हुई। कुछ दिन बाद नाफीन को तलाक देकर पुरखास में ही पड़ोस की बेबी से निकाह कर लिया। बेबी को बच्चा नहीं होने से तलाक देकर प्रयागराज की रहने वाली कशिश से निकाह कर लिया। कशिश से भी उसे एक बच्ची हुई।