जिले के अति कुपोषित बच्चों के परिवार के साथ भेदभाव हो रहा है। कुछ परिवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) का लाभ मिल रहा है, जबकि दो सौ से ज्यादा बच्चे इसका लाभ ही नहीं पा रहे हैं। इसकी सूची डीएसओ को सौंप दी गई है। डीएसओ ने आश्वासन दिया है कि वह जांच कर कार्रवाई कराएंगे। फिलहाल अभी तक ऐसी कोई पहल नहीं हुई है।
दोआबा विकास एवं उत्थान समिति ने कौशांबी के 10, सदर ब्लॉक के 24 और सरसवां ब्लॉक के एक गांव का सर्वे कर 517 बच्चों को अति कुपोषित के रूप में चिह्नित किया था। इन बच्चाें की हालत गंभीर भी बताई गई है। इनमें से 296 बच्चों के परिजनों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की पात्रता सूची में शामिल किया गया है। इसका उन्हें लाभ भी दिया जा रहा है। हर महीने इनको राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
जबकि 221 बच्चे इससे वंचित हैं। गरीब परिवारों के ये बच्चे कुपोषण की चपेट में आकर किसी तरह जिंदगी जी रहे हैं। राशन आदि के अभाव में बस इनकी जिंदगी कट रही है। इन बच्चोंको आर्थिक अनुदान दिलाने के साथ ही समिति ने डीएसओ को सूची सौंपते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की पात्रता सूची में शामिल कराने की मांग की है।