सिराथू ब्लाक के नट का डेरा दलित बस्ती में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। करीब पांच सौ की आबादी में लगे चार हैंडपंपों में दो हैंडपंप महीनों से खराब हैं। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को निजी नलकूपों से पानी लाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि समस्या से कई बार बीडीओ, ग्राम प्रधान के अलावा जल निगम के अफसरों को भी अवगत कराया गया। इसके बाद भी हैंडपंपों को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है।
दोआबा में गर्मी के दस्तक देते ही तमाम गांवों में पानी का संकट खड़ा होने लगा है। अनदेखी के चलते खराब हैडपंपों को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सिराथू ब्लाक की दलित बस्ती मधवामई नट का डेरा में करीब पांच सौ की आबादी के प्यास बुझाने के लिए 4 हैंडपंप है। गांव के राजेश कुमार, दिनेश कुमार, अशर्फीलाल आदि का कहना है कि महीनों से दो हैंडपंप खराब हैं। इन हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए कई बार ग्राम प्रधान, खंड विकास अधिकारी और जलनिगम के अफसरों को प्रार्थनापत्र दिया गया। फिर भी आज तक हैंडपंपों का ठीक नहीं कराया जा सका। ग्राम प्रधान का कहना है कि रिबोर के लिए हैंडपंपों की सूची ब्लाक और जलनिगम को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा तहसील में भी शिकायत की गई है।