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गरीब की जिंदगी बचाने को मदद की गुहार

Mon, 11 May 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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बेरहम बदमाशों के हमले में जख्मी टेंगाई (कोखराज) का सुशील कुमार (20) आठ दिनों से अस्पताल में जीवन-मौत की जंग लड़ रहा है। घर की आर्थिक तंग उसके जीवन पर भारी पड़ रही है। बेहद गरीब और दाने-दाने के लिए मोहताज सुशील का इलाज आठ दिनों तक गांववालों के चंदे से होता रहा। पर, रोजाना इलाज का 30-35 हजार का खर्च अब ग्रामीणों के भी बूते में नहीं है। परेशान गांववालों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट आकर डीएम को प्रार्थनापत्र देकर इस इलाज के खर्च में प्रशासनिक मदद की गुहार लगाई है।
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बता दें कि 4 मई की रात करीब 8 बजे टेंगाई गांव का रहने वाला मजदूर सुशील कुमार (20) बाजार से घर लौट रहा था। रास्ते में नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने उसे रोककर लूटा। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने असलहों की बट से हमला करके उसे लहूलुहान कर दिया। हमले में गंभीररूप से जख्मी सुशील को घरवालों ने स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। आठ दिन से इलाहाबाद के जीवन ज्योति हास्पिटल में भर्ती सुशील की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है।


 जीवन-मौत से जूझ रहे युवक के इलाज में घर की आर्थिकतंगी उसके परिजनों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर किए है। गांव के रहने वाले अलख नारायण मिश्र, लव सिंह, दिनेश कुमार पासी, मुन्ना मिश्रा, दूरबीन सिंह, विमलेश कुमार पाल, राजू सिंह, जगनंदन सिंह आदि अन्य ग्रामीण अब तक उसके इलाज में चंदा जुटाकर करीब 3 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अब भी अस्पताल में उसके  इलाज का खर्च रोजाना करीब 30 हजार रुपये आ रहा था। ग्रामीण जितना संभव था मदद कर चुके हैं। अब गांववाले भी परेशान हैं। ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम को प्रार्थनापत्र देकर गरीब के इलाज के लिए विवेकाधीन कोष से मदद की गुहार लगाई है। साथ ही अन्य सामाजिक संगठनों से भी सहायता की मांग की।
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