प्रसव कराने के लिए स्वास्थ्य कर्मी चार हजार रुपये मांग रहे थे। 1500 रुपये दे दिए, इसके बाद भी लापरवाही बरती। इसकी वजह से नवजात की मौत हो गई, वहीं प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। यह आरोप करारी के कासिमपुर निवासी युवक ने लगाए हैं। पीड़ित ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुुहार लगाई है।
कासिमपुर के रहने वाले अवधेश कुमार का कहना है कि नौ मार्च को वह अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए लेकर संयुक्त जिला चिकित्सालय गया था। अवधेश का आरोप है कि अस्पताल में मिली स्टाफ नर्स ने पत्नी को देखने के बाद कहा कि कोई चिंता की बात नहीं। कुछ देर में प्रसव हो जाएगा।
इसमें चार हजार रुपये लगेंगे। रुपये नहीं होने की बात कहने पर स्टाफ नर्स नाराज होकर चली गई। फिर कहीं से इंतजाम करके 1500 रुपये नर्स को दिए।
आरोप है कि सुविधा शुल्क देने के बाद भी पत्नी के प्रसव में लापरवाही बरती गई। इसकी वजह से उसकी बेटी की गर्भ में ही मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही के चलते प्रसव के बाद पत्नी की हालत भी बिगड़ गई। गंभीर हालत में पत्नी को ले जाने के लिए कह दिया गया।
प्रयागराज के एक अस्पताल में अब भी पत्नी का इलाज चल रहा है। पीड़ित का कहना है कि मामले की शिकायत अस्पताल के सीएमएस से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामला संज्ञान में आया था। इसकी जांच भी कराई गई। इसमें किसी भी स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने नहीं आई है।
डॉ. एसके शुक्ला-सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय