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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की कलश स्थापना

Sun, 02 Oct 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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शारदीय नवरात्र की शुभ घड़ी में घर-घर भक्तों ने कलश स्थापना कराई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों ने पूजा पंडालों में पहुंचकर कलश स्थापित कराया। इसी के साथ भक्तों ने नव दिन के व्रत की शुरुआत की। उधर दिनभर चले पूजन-अर्चन के बाद पूजा पंडाल देर रात तक भक्ति गीतों से गुलजार रहे। प्रतिपदा के दिन से ही पूरा दोआबा मां अंबे की भक्ति में सराबोर नजर आया।
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नवरात्र पर्व को लेकर जिले भर में तैयारियां जोरों पर थी। शनिवार की सुबह भक्तों ने पंचांग के निर्धारित समयानुसार अपने-अपने घरों में पुरोहित को बुलाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कराई। नव दुर्गा पूजा पंडालों में कमेटियों द्वारा मूर्ति स्थापित कराने के बाद पूजन-अर्चन शुरू किया गया। इसी के साथ भक्तों ने नव दिवसीय व्रत की शुरुआत की। दूसरी ओर गांवों और कस्बों के पूजा पंडालों में स्थापित की गई मां अंबे की आकर्षक मूर्तियों को देखने के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।

शाम के सात बजते ही बिजली की रोशनी से जगमगा रहे पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान भक्तिगीतों का कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों और महिलाओं द्वारा देर रात तक किया गया। प्रतिपदा को कलश और मूर्ति स्थापना के बाद पूरा दोआबा मां अंबे की भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से लेकर देर रात तक गांव और कस्बे मां अंबे के जयकारों से गुंजायमान रहे।
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मां शीतला दरबार में उमड़ी भक्तों की भीड़
 शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को मां शीतला दरबार में हजारों भक्तों ने माथा टेका। गंगा स्नान करने के बाद भक्त घाट से मां शीतला दरबार तक जयकारा लगाते पहुंचे। नारियल, चुनरी, कोकाबेली आदि प्रसाद चढ़ाकर भक्तों ने पुण्यार्जन किया।

  इक्यावन सिद्धपीठों में से कड़ा वासिनी मां शीतला का विशेष महत्व है। यहां पूरे वर्ष भक्तों के आने-जाने का सिलसिला बना रहता है। नवरात्र मेले का विशेष महत्व होने के कारण भक्तों की भारी भीड़ धाम में उमड़ती है। प्रतिपदा के दिन मां शीतला का दर्शन व पूजन करने वाले दूर दराज के भक्तों ने शुक्रवार की शाम ही धाम में डेरा डाल दिया था। शनिवार की भोर में गंगा स्नान करने के बाद भक्त हाथ में चुनरी-नारियल का प्रसाद लेकर मां दरबार में लाइन लगा के खड़े हो गए।

धाम में भोर से लगी भक्तों की भीड़ शाम के आठ बजे तक खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी। इस दौरान कड़ा धाम भक्तों के जयकारों से गूंजता रहा। धाम में सुरक्षा के मद्देनजर कई एसआई और महिला पुलिस जवान चौकसी बरतते नजर आए। पहले दिन का मेला शनिवार को सकुशल संपन्न होने पर पुलिस, प्रशासन और स्थानीय पंडा समाज के लोगों ने राहत की सांस ली है।

देवी मंदिरों में लगा रहा भक्तों का तांता
 शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गांवों और कस्बों के देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। किशुनपुर अम्बारी स्थित मसुरिया माता मंदिर में आस-पास के गांवों के भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए लगी रही। संचवारा स्थित अलोपशंकरी माता मंदिर में भी भक्त भारी संख्या में पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। इसी तरह गुरौली के चंद्रिका देवी मंदिर में सुबह से ग्रामीणों की भीड़ पूजन-अर्चन के लिए उमड़ी रही। मुख्यालय मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान मंदिर परिसर मां अंबे के जयकारों से गूंजता रहा।
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