पूजा, हवन और कन्याभोज के साथ सोमवार को शारदीय नवरात्र का समापन हो गया। नवमी पर पूजा पंडाल और मंदिरों में पूजन-अर्चन को भक्तों भी भारी भीड़ उमड़ी रही। शीतलाधाम कड़ा समेत सभी मंदिरों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। भोर से शुरू हुआ मैया का जयकारा शाम तक गूंजता रहा। वहीं उपासकों ने घरों में मां स्वरूपा कन्याओं की पूजा करके उन्हें पूड़ी-हलवा खिलाकर अपने व्रत का पारण किया। पूजा पंडालों में भी दिनभर कन्या को भोजन कराने का दौर चलता रहा।
नवरात्र पर्व सोमवार को समाप्त हुआ। नवमी पर देवी के 51 वें शक्तिपीठों में एक मां शीतला के दरबार में सोमवार को देवी दर्शन को भक्तों का सैलाब उमड़ा। मैया के जयकारे करते हुए भोर में 4 बजे से शुरू हुआ दर्शन-पूजन और हवन का सिलसिला दिनभर चलता रहा। माता की भक्ति का कुछ ऐसा ही दृश्य दुर्गा मंदिर मंझनपुर और पूरबशरीरा की झारखंडी मंदिर में भी देखने को मिला। मंझनपुर, भरवारी, पइंसा, सिराथू, कड़ा, देवीगंज, मूरतगंज, करारी, सरायअकिल, चरवा, पुरामुफ्ती, मनौरी, चायल, तिल्हापुर, बिजिया, पश्चिमशरीरा, टेंवा, ओसा आदि स्थानों पर सजे पूजा पंडालों में भी दिनभर कन्याभोज, भजन-कीर्तन चलता रहा।
बता दें कि शारदीय नवरात्र पर इस साल कौशाम्बी 730 पूजा पंडालों में देवी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इन मूर्तियों का मंगलवार को चिह्नित तालाबों में विसर्जन कराया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी थानेदारों को शांति पूर्ण ढंग से मूर्ति विसर्जन कराए जाने का निर्देश जारी किया है।