भरवारी कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करते श्रद्धालु। स्वयं
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मेहता रोड स्थित हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह यज्ञ के चौथे दिन बुधवार को कथा व्यास डॉ. विनय व्यास महाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... भजन पर श्रोता भक्ति भाव में झूमने लगे।
कथा को विस्तार देते हुए उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी इसी उद्देश्य से हुआ। उन्होंने देवकी और वासुदेव के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का वर्णन किया। कहा कि भगवान के जन्म लेते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और चारों ओर जय-जयकार होने लगी।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। जन्मोत्सव के अवसर पर भक्तों ने भजन-कीर्तन के दौरान भगवान की जय जयकार की। कार्यक्रम स्थल को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। कथा के अंत में आरती फिर प्रसाद वितरण किया गया।
इस अवसर पर आयोजक मुख्य यजमान सतीश चंद्र केसरवानी, गंगा देवी, अर्चना केसरवानी, प्रवेश कुमार केसरवानी,तनु व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।