नगर निकाय चुनाव की कसरत दावेदारों ने शुरू कर दी है। नगर पंचायतों में राजनीति चरम पर पहुंच गई है। नेताओं ने पहले चक्र में सोची-समझी रणनीति के तहत मतदाता सूची को निशाना बनाया है। फर्जी मतदाता बढ़ा दिए गए तो, नागरिकों का नाम ही गायब करवा दिया गया। इनमें वे नाम भी शामिल हैं जो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। करारी व भरवारी में इसको लेकर घमासान मचा है। सबसे ज्यादा गरम करारी का माहौल है। यहां तनातनी बनी है।
वर्ष 2002 से करारी नगर पंचायत मतदाता सूची को लेकर विवादों में घिरी है। नगर पंचायत अध्यक्ष मौला बक्स पर ही सवाल उठते रहे हैं। चुनाव की तैयारी शुरू होते ही करारी के लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष मौला बक्स को कटघरे में खड़ा कर दिया। लोग उन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने का आरोप लगा रहे हैं। करारी के श्याम सुंदर केशरवानी, सुरेश जायसवाल और कंधई जायसवाल ने जिलाधिकारी एपी सिंह से शिकायत की थी कि फर्जी तरीके से लगभग 13 सौ नाम मतदाता सूची में बढ़ाए गए हैं। इसकी सूची भी सौंपी है। डीएम ने जांच के लिए टीम बनाई और शिकायतकर्ताओं द्वारा दी गई सूची सौंप दी। बुधवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम करारी जांच करने पहुंची तो उनके पास सूची दूसरी थी। इस सूची में उन लोगों के नाम थे जो कस्बे के नागरिक थे। सूची में हेराफेरी की पता चलते ही कस्बे के लोग भड़क गए।
माहौल बिगड़ता देख नायब तहसीलदार टीम लेकर वापस आ गए। एसडीएम मंझनपुर लालजी मिश्र का कहना है कि सूची वही दी गई है जो उन्हें मिली है। वहीं दावेदारों का आरोप है कि तहसील प्रशासन की ओर से गड़बड़ी की गई है। यही हाल भरवारी नगर पंचायत का है। भरवारी नगर पंचायत के तीन बार चेयरमैन कैलाश केशरवानी का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे जगदीश शिवहरे का परिवार सहित नाम गायब है। इसको लेकर घमासान मचा है। नागरिकों का आरोप है कि टाउन एरिया के कर्मचारी यह खिलवाड़ कर रहे हैं और लोग तमाशा देख रहे हैं।