नगर निकाय चुनाव को लेकर नगर पंचायतों के नागरिक खेमों में बंटने लगे हैं। दावेदारों ने बिना आरक्षण सूची जारी हुए ही बाकायदा जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है। मोहल्ले-मोहल्ले दावेदार टहलने लगे हैं। इतना ही नहीं सुख-दुख में भी शामिल होने लगे हैं। छोटे से छोटे काम के लिए अब वे खुद आगे आ रहे हैं।
नगर निकाय चुनाव की तैयारी तेज हो चुकी है। करारी में मतदाता सूची को लेकर ढेरों शिकायत थी। शिकायत का असर यह रहा कि यहां विशेष कैंप लगाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया गया। इसके बावजूद लोग संतुष्ट नहीं हैं। बसपा छोड़कर सपा में आए परवेज अख्तर अंसारी की वजह से यहां सपा का पलड़ा भारी हो चुका है तो वहीं मंझनपुर में अभी भी असमंजस की स्थिति है। आरक्षण सूची जारी न होने से ऊहापोह के हालात हैं। इसके बावजूद दावेदार बेफिक्र होकर अपना चुनाव प्रचार कर रहे हैं। होर्डिंग व पोस्टर वार भी शुरू हो चुका है। नगर पंचायतों में एक बार होर्डिंग लगनी शुरू हो गई है। युवा दावेदार चुनाव को लेकर गंभीर है। जनसंपर्क के साथ ही हर वह पैंतरा आजमाया जा रहा है जो चुनाव के लिए कारगर है।
मंझनपुर में अंशुल केसरवानी, बच्चा केसरवानी, देवेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद्र चौधरी की भाजपा से दावेदारी है। इनके अलावा और भी कई लोग हैं। किसको टिकट मिलेगा, इसको लेकर कयासबाजी हो रही है। वहीं सपा से शबीह हैदर मीनू, नजीर अहमद, नरेश चंद्र केशरवानी ने भी दावेदारी ठोंक रखी है। सैदुल के साथ मोहम्मद हारून भी लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। इससे चुनाव की तस्वीर ही धुंधली है। यही हाल सिराथू का है। यहां भी पूर्व चेयरमैन राजेंद्र यादव की घेराबंदी तगड़ी है। युवा भाजपा नेता प्रशांत केसरी के अलावा दीपक केसरवानी आदि ने दावेदारी ठोंक रखी है। रैपिड सर्वे की सूची जारी होते ही लोगों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।