शहर के भेड़सर क्षेत्र, दुर्गा मंदिर के पीछे और निर्माणाधीन साइबर थाना के सामने बड़े पैमाने पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आसपास का माहौल दूषित हो गया है। नगर पालिका के कर्मचारी निर्धारित स्थान पर कूड़ा न फेंककर शहर में कचरा फैला रहे हैं।
स्थानीय निवासी लवकुश, राजू और अभिषेक व अन्य लोगों का कहना है कि नगर पालिका कर्मचारी पूरे नगर से कचरा एकत्रित करने के बाद उसे निर्धारित स्थान पर न ले जाकर इन खुले स्थानों पर फेंक देते हैं। इससे इलाके में लगातार गंदगी फैल रही है और बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
इतना ही नहीं, जब कचरे की मात्रा अधिक हो जाती है तो उसे निस्तारित करने के बजाय उसमें आग लगा दी जाती है। इससे उठने वाला धुआं आसपास के लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस स्थिति से संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक है। लोगों ने का कहना है कि कचरा निस्तारण की व्यवस्था की जाए और खुले में कूड़ा फेंकने व जलाने की समस्या पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
खोरा में बना है स्थायी कूड़ा घर
मंझनपुर क्षेत्र के साइबर थाने के सामने जिस जगह पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है, वहां से करीब 350 मीटर दूरी पर ही खोरा में स्थायी कूड़ा घर बना है। बावजूद इसके नगर का कचरा खुले में फेंका जा रहा है, जिस पर जिम्मेदार भी मौन हैं।
कूड़े के धुएं से बढ़ा दमा-अस्थमा मरीजों के लिए बना खतरा
:: मेडिकल कॉलेज वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि कूड़े में आग लगाने से उठने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर दमा और अस्थमा के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
:: नगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बदबू और धुएं के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है, बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरा है। -अमित कुमार
:: पूरे नगर का कचरा यहां फेंक दिया जाता है और बाद में उसमें आग लगा दी जाती है। इससे उठने वाला धुआं बहुत परेशान करता है, प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - अखिलेश कुमार।
दुर्गा मंदिर के पीछे कचरे के ढेर में घूमते बच्चे। संवाद