51 शक्तिपीठों में शुमार मां शीतला देवी के दरबार को नववर्ष पर इस बार सात क्विंटल फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर की सजावट में छह प्रकार के फूल प्रयागराज और बनारस से मंगाए जाएंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को एक अलग और भव्य नजारा देखने को मिलेगा।
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से दमना, गुलगौरी, गुलाब, कमल, चमेली और गेंदा के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया जाएगा।इन फूलों से मंदिर के गर्भगृह, मुख्य द्वार, सभामंडप और परिक्रमा पथ को सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को प्रवेश करते ही दिव्य अनुभूति होगी।
सजावट के लिए करीब सात क्विंटल फूलों का उपयोग किया जाएगा। इनमें सबसे अधिक मात्रा गेंदा और गुलाब के फूलों की रहेगी, जबकि कमल और चमेली के फूल धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए चयनित किए गए हैं। दमना और गुलगौरी के फूलों से पारंपरिक तोरण, आकृतियां और धार्मिक प्रतीक बनाए जाएंगे, जो सजावट को और भी खास बनाएंगे।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पंडा उर्फ टिंकू पंडा ने बताया कि प्रयागराज और बनारस से फूल मंगाए जाएंगे। ताजे और सुगंधित फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इन्हें चरणबद्ध तरीके से मंगाया जाएगा। सजावट को कलात्मक रूप देने के लिए अनुभवी कारीगरों को प्रयागराज से बुलाया गया है, जो फूलों से विशेष डिजाइन और आकृतियां तैयार करेंगे।
उन्हाेंने बताया कि नववर्ष के पहले दिन मंदिर पूरी तरह सुसज्जित नजर आए। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष मंदिर की सजावट अब तक की सबसे अलग और भव्य होगी।
मां शीतला का होगा विशेष शृंगार
इस बार मां शीतला का विशेष शृंगार किया जाएगा। मां को हलवा-पूरी, फल व मेवा का भोग अर्पित होगा। शृंगार में मां के सभी वस्त्र नए होंगे, जिन्हें प्रयागराज से मंगाया गया है। आभूषणों में मांग-बिंदी, पायल, बिछिया, टिकुली, नेल पॉलिश, बालों की चोटी व लाली सहित पूर्ण शृंगार किया जाएगा। भक्तों की ओर से उपहार स्वरूप भेंट किए गए वस्त्र भी मां को पहनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रूप से नया वर्ष बसंत नवरात्रि से माना जाता है, फिर भी जनवरी में मंदिर में शृंगार, भोग व सजावट की परंपरा निभाई जाती है।
कड़ाधाम शीतला मां की श्रृंगार स्वरूप मूर्ति- संवाद