सिराथू तहसील के डोरमा गांव के पास नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को हुए हादसे में तीन महिलाओं के मासूम बेटे और एक महिला की नवविवाहिता बेटी की भी मौत हो गई। विडंबना यह रही कि घायल माताएं अस्पताल में जिंदगी और दर्द से जूझती रहीं और अपने ही बच्चों का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकीं। तीसरे दिन भी अस्पताल के वार्ड में चीख-पुकार और सिसकियों का माहौल है।
हमार बच्चा कहां है...
हादसे में शांति देवी का दाहिना पैर टूट गया, लेकिन इस दर्द से कहीं ज्यादा बड़ा दर्द उनके दिल में है। हादसे में उनके आठ वर्षीय बेटे गोलू की मौत हो गई। शांति अब अधिकांश समय एक ही सवाल पूंछ रही हैं, हमार बच्चा कहां है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद लोगों ने कहा था कि उनके बेटे को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल ले जाया गया है। बाद में उन्हें पता चला कि उनका गोलू अब इस दुनिया में नहीं रहा। यह बताते-बताते उनकी आंखें भर आईं और वह मुंह दूसरी ओर घुमाकर फूट-फूटकर रोने लगीं।
गंगा मईया से मांगी थी अपने लाल की खुशहाली
वार्ड में भर्ती गुड़िया देवी (25) के चेहरे और हाथ में गंभीर चोटें हैं। हादसे में उनके छह वर्षीय बेटे मयंक की जान चली गई। गुड़िया की आंखों में बस वही दृश्य घूम रहा है जब वह गंगा में डुबकी लगाकर अपने बेटे की लंबी उम्र की कामना कर रही थीं। सिसकते हुए वह कहती हैं, गंगा मईया से अपने लाल की खुशहाली मांगी थी… नहीं पता था कि घर लौटते-लौटते मेरी गोद ही सूनी हो जाएगी।
सिर्फ अपने बेटे को ढूंढ रही मां की आखें
नारायण देवी (45) के सिर पर गंभीर चोट है। हादसे में उनके सात वर्षीय बेटे सत्यम की मौत हो गई। अस्पताल के बेड पर वह ज्यादातर आंखें बंद किए लेटी रहती हैं। परिजन बताते हैं कि जब भी वह होश में आती हैं तो सबसे पहले अपने बेटे सत्यम को ढूंढती हैं। बेटे के बारे में पूछते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं और फिर वह चुपचाप लेट जाती हैं।
अभी कुछ दिन पहले ही बेटी को डोली में विदा किया था...
हादसे में लक्ष्मी देवी (42) के दोनों हाथ टूट गए हैं और उनकी 20 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। बेटी की शादी अभी डेढ़ महीने पहले ही पहाड़ीपुर निवासी लवकुश से हुई थी। लक्ष्मी के पति बंश लाल बताते हैं कि मुंडन कार्यक्रम में बेटी और दामाद दोनों आए थे। हादसे में दामाद भी गंभीर रूप से घायल हैं। 12 फरवरी को बेटी की डोली विदा की थी… किसे पता था कि इतने जल्दी उसी बेटी की अर्थी सजानी पड़ेगी। वहीं बगल के बेड पर घायल दामाद लवकुश चुपचाप लेटे रहते हैं और किसी से बात नहीं कर पा रहे हैं।
मुंडन कराने के बाद बेटे का टूट गया पैर
शिमला देवी को भी कमर और हाथ में चोटें आई हैं। उनके ही बेटे शुभम का मुंडन था। हादसे में उनके तीन वर्षीय बेटे सत्यम का पैर टूट गया, जबकि परिवार की बुजुर्ग दादी राम कुमारी (55) की भी मौत हो गई। हादसे में घायल 12 लोग अभी भी मंझनपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हैं।
गुड़िया देवी
गुड़िया देवी
गुड़िया देवी