रामगंगा नहर से अजुहा की सीमा तक बनाए गए रजबहा में वर्षों से पानी का अकाल है। लेकिन सफाई के लिए हर साल टेंडर पास होता है। किसानों का कहना है कि जब जगह-जगह पाटकर रास्ता बना दिया गया तो पानी कहां मिलेगा। सफाई का का हाल यह है कि झाड़ियां हर वक्त देखी जा सकती हैं। सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।
दशकों पहले फतेहपुर जिले की खागा तहसील से अजुहा व आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए रजबहा निकाला गया था। लेकिन यह खेतों के काम नहीं आ रहा। अजुहा सीमा से कनवार तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में लगभग दस स्थानों पर रजबहा को पाटकर आने-जाने का रास्ता बना लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर ठेकेदार की तरफ से जेसीबी मशीन से इधर-उधर केवल खुरचाई करवा दी जाती है।
समस्या पर सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर विजय सिंह यादव बताते हैं कि कौशाम्बी क्षेत्र में नहर कच्ची होने और माइनर हेडवे गेट न होने के कारण कम फोर्स से पानी छोड़ा जाता, क्योंकि फसल बर्बाद होने की आशंका रहती है। समस्या के समाधान के लिए योजना तैयार की जा रही है। करीब पांच महीने में माइनर हेडवे गेट लगाए जाएंगे।
इनसेट
बहता हुआ पानी नहीं देखा...
स्थानीय किसान सियाराम मौर्य कहते हैं कि इस रजबहा में उन्होंने आज तक पानी बहते नहीं देखा। सफाई के नाम पर हर साल पैसा आता है लेकिन झाड़-झंखाड़ वाली तस्वीर नहीं बदलती है। कई लोगों ने रजबहा के किनारे पक्के मकान बनाकर उसे पाट दिया है और रास्ता बना लिया है। जब रास्ता ही बंद कर दिया गया तो पानी कहां से जाएगा।
टेल तक पानी की उम्मीद नहीं
मकरी बाग निवासी किसान हीरालाल मौर्य कहते हैं कि आज भी रजबहा के बीच-बीच में छोटे-छोटे पेड़ खड़े हैं। चारों तरफ खर-पतवार हैं। ऐसे में पानी बहेगा कैसे? टेल तक पानी पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही।
मामले की जांच कराई जाएगी। जहां रजबहा को पाटा गया है, वहां खुदाई कराई जाएगी। कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- नवाब सिंह, सहायक अभियंता
पानी टंकी के सामने नहर को पाटकर बनाया गया रास्ता- संवाद
पानी टंकी के सामने नहर को पाटकर बनाया गया रास्ता- संवाद
पानी टंकी के सामने नहर को पाटकर बनाया गया रास्ता- संवाद