इस बीच पुलिस को भनक लगी कि अब्दुल कवि व उमेशपाल हत्याकांड के शूटर भखंदा में शरण लिए हैं। पुलिस की टीमों ने तीन मार्च को अब्दुल कवि के घर को घेरा लेकिन कोई शूटर पकड़ा नहीं जा सका। घर में दीवारों में छिपाकर असलहें रखने की जानकारी होने पर पुलिस ने प्रशासन के सहयोग से उसका ध्वस्तीकरण कराया तो भारी तादात में नाजायज असलहें व बम बरामद हुए। मामले में अब्दुल कवि व परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पांच लोगों को किया गया था गिरफ्तार
घटना में आरोपित अब्दुल कवि का भाई कादिर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस दौरान अहम यह रहा कि कादिर की कई लाइसेंसी असलहों के साथ फोटो वायरल हुई थी। पुलिस की माथा ठनका कि जब कवि के पिता के पास सिर्फ सिंगल बैरल बंदूक का लाइसेंस था तो कादिर के पास इतने लाइसेसी असलहें पहुंचे कैसे? इस पर शुक्रवार को पुलिस ने एएसपी समर बहादुर के नेतृत्व में चार टीमों में बंटकर भखंदा में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान भखंदा का निजामउद्दीन, शाहिद, असलम, कटैया का अजमल और बेरूई का बिलाल पकड़ा गया।
अधिकांश असलहे लाइसेंसी, पर दूसरे के नाम पर
सभी के पास से तीन सिंगल बैरल व तीन डबल बैरल बंदूक बरामद हुई। इसके अलावा दो रायफल भी मिली। सबसे खास बात यह रही कि जिन लोगों के पास से असलहे बरामद हुए उनका लाइसेंस किसी दूसरे के नाम पर था। यह लोग शूटर के भाई अब्दुल कादिर व वली के साथ असलहें लेकर इलाके में भय कायम करते थे। पकड़े गए लोगों के पास से तीन मोबाइल फोन भी मिला है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन मोबाइल से यह मददगार फरार वली व अब्दुल कवि के संपर्क में थे। बरामद मोबाइल को सर्विलांस में लगाकर पड़ताल की गई तो तमाम अहम जानकारी मिली। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही फरार अरोपियों तक पहुंच जाएगी।
पकड़े गए लोगों के पास से बरामद मोबाइल में तमाम राज हाथ लगे हैं। जिन लोगों से वह संपर्क में थे, उनकी कुंडली निकाली जा रही है। इसके अलावा जिनके पास से असलहे बरामद हुए, उनके किसी के नाम पर लाइसेंस नहीं था। जल्द ही मामले में कई अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे। - समर बहादुर, एएसपी