मंझनपुर। सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, बढ़ा हुआ मानदेय तत्काल लागू करने एवं लंबित मानदेय का भुगतान करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी महासंघ 20 मई से सामूहिक कार्य बहिष्कार करेगा। सोमवार को सदर ब्लॉक परिसर में बैठक कर महासंघ के पदाधिकारियों ने इसके लिए हुंकार भरी। पदाधिकारियों ने पीडी डीआरडीए को पत्र देकर महासंघ के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। महासंघ के जिला संयोजक विकास जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगाकर्मियों का सामाजिक व कार्य क्षेत्र में उत्पीड़न किया जा रहा है। अब तक हुई कई दौर की वार्ता के दौरान शासन की ओर से मनरेगाकर्मियों को सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया गया। जबकि समस्त मनरेगा संवर्ग शासन के सभी कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहा है।
कोरोना काल में भी मनरेगाकर्मियों ने शासकीय योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन कराने में योगदान किया। इसके बावजूद शासन द्वारा उपेक्षित अल्प मानदेय में कर्मचारियों को गुजारा करना पड़ रहा है। शासन की कुनीतियों के विरोध में महासंघ ने 20 मई से सामूहिक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अपने इस निर्णय से महासंघ ने डीएम, सीडीओ एवं पीडी को भी अवगत करा दिया है। इसके बाद भी मांगें नहीं पूरी करने पर भूख हड़ताल व आमरण अनशन की चेतावनी दी। इस मौके पर जयचंद्र पांडेय, आशीष मिश्रा, डीके साहू, चंद्र प्रकाश, मोहम्मद अली समेत मनरेगा कर्मचारी संवर्ग के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।
विकास बने मनरेगा कर्मचारी महासंघ के जिला संयोजक
मंझनपुर। मनरेगा विभाग के समस्त संवर्गों की बैठक सोमवार को सदर ब्लॉक में हुई। इसमें समस्त मनरेगा कार्मिकों के महासंघ का गठन किया गया। बैठक में विकास जायसवाल को सर्वसम्मति से जिला संयोजक तथा जयचंद्र को सह संयोजक मनोनीति किया गया।