पुरखास गांव से नंदा का पुरवा गांव को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार शाम चायल विधायक पूजा पाल सड़क की हालत देखने पुरखास गांव पहुंच गईं। सड़क की बदहाली देखने के बाद उन्होंने लोकनिर्माण विभाग और खनन विभाग के जिम्मेदारों को फोन कर जमकर फटकार लगाई।
पुरखास तिराहे से नंदा का पुरवा गांव की दूरी पांच किलोमीटर है। यमुना नदी में केवट पुरवा और मल्हीपुर गांव में बालू खनन का पट्टा है। घाटों से गीली और ओवरलोड बालू वाहनों के निकलने से पांच किलोमीटर तक की पूरी सड़क की सूरत बदल गई है। सड़क से गिट्टियां पूरी तरह से गायब हो चुकी है। बड़े-बड़े गढ्ढे भी बन चुके हैं।
घाटों से गीली बालू और ओवरलोड लोडेड वाहनों के गुजरने से पूरी सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुकी है। वाहन तो दूर राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो चला है। सड़क की दुर्दशा पर कई बार ग्रामीण धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। नतीजा कुछ भी नहीं निकला। न ही सड़क की मरम्मत शुरू हुई और न ही ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर लगाम लग सकी।
सड़क की समस्या के बारे में पुरखास,यूसुफपुर,नंदा का पुरवा आदि गांव के लोगों ने चायल विधायक पूजा पाल को अवगत कराया। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार शाम पूजा पाल पुरखास गांव पहुंचीं। तिराहे पर पहुंचते ही सड़क पर पानी भरा देख उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए पहले लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।
अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने खनन अधिकारी को भी फोन पर लताड़ लगाते हुए घाटों से ओवरलोड वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद करवाने का निर्देश दिया।