नाबालिग की खरीद फरोख्त मामले में गिरफ्तार आरोपी।
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कोखराज पुलिस ने नाबालिग किशोरी की खरीद-फरोख्त और जबरन शादी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी को बहला-फुसलाकर पहले होटल में रखा गया, फिर 70 हजार रुपये में बेचकर उसकी शादी उम्रदराज युवक से करा दी गई।
पुलिस के अनुसार कोखराज थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी 25 मार्च को हाईस्कूल की परीक्षा देने निकली थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने 22 अप्रैल को किशोरी को कासगंज से बरामद किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कानपुर रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात अंशू नाम के युवक से हुई थी। वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
आरोप है कि कई दिनों तक होटल और कमरों में बंद रखकर उसके साथ गलत संबंध बनाए गए। बाद में अनुराधा नाम की महिला की मदद से उसे मंजू उर्फ फूलमती को 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद मंजू ने अपने देवर सुमित से उसकी जबरन शादी करा दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी पीड़िता को कमरे में बंद रखते थे और विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देते थे। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर सभी पांच आरोपियों को कोखराज के रोही चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में कासगंज निवासी सुमित कुमार, मंजू उर्फ फूलमती, हाथरस निवासी अनुराधा, एटा निवासी शाहरुख हुसैन और मैनपुरी निवासी अंशू जाटव शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन और 13,150 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में एक अन्य आरोपी की अभी तलाश की जा रही है।