सोमवार को जिले भर में बारावफात का जुलूस पूरी शान से निकाला गया। जुलूस में अकीदतमंदों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाए और नातें पढ़ीं। इस दौरान लोगों ने तकरीर भी की। कदीमी रास्तों से होकर जुलूस निकलने वाले स्थान पर जाकर समाप्त हुआ। इसके बाद एकत्रित समुदाय के लोगों को मिलाद कराया गया। इस दौरान जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे।
जिले में जशभन-ए-ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह मस्जिदों और निर्धारित स्थलों से अकीदतमंदों ने बारावफात का जुलूस निकाला। जुलूस कदीमी रास्तों से होते हुए कस्बे और गांवों में घूमा। इसके बाद दोबारा वह लौटकर अपने स्थान पर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने नात पढ़ी और सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाए। इसके बाद अकीदतमंदों ने तकरीर की और मिलाद (प्रसाद वितरण) किया। बारावफात का जुलूस सोमवार को मंझनपुर, सिराथू, भरवारी, चायल, करारी सहित जिले भर में निकाला गया। सराय अकिल में जुलूस मदरसा आबिया फैजुल इस्लाम से निकाला गया।
जुलूस की अगुवाई सूफी हसमत उल्ला ने की। इसमें कलीम उल्ला, इरशाद अहमद, अनूप सिंह, मो. हुसैन, मो. कैशर, अकबर और हाजी सईद रजा शामिल रहे। मूरतगंज में जुलूस अकीदतमंद बच्चा मियां राइन के दरवाजे से उठकर जामा मस्जिद मूरतगंज पहुंचा। यहां पर कशिया, शेरगढ़, कुरैशनगर, सैंता, छोटी धन्नी, बड़ी धन्नी, सकाढ़ा, मितवापुर, पल्हाना, पठनपुरवा, बल्हियावां सहित 11 गांवों का जुलूस एकत्रित हुआ। जुलूस का नेतृत्व हाफिज शरीफ अहमद, हाफिज जमील अहमद, कारी मो. नसीम एहसानी, कारी नफीस उल्ला, हाफिज शमीम अहमद, हाफिज अलीमउद्दीन, हाफिज अफसार अहमद, शहनयाल अहमद, हाजी हकीमउल्ला, मो. इब्राहिम ने किया। जुलूस की सुरक्षा को देखते हुए तहसीलदार चायल भगवान दास गुप्ता, सीओ सिराथू अंशुमन मिश्र, एसओ कोखराज दिनेश कुमार यादव, एसओ पूरामुफ्ती धर्मेंद्र प्रताप सिंह, चौकी इंचार्ज मूरतगंज सहित हल्का लेखपाल भी मौजूद रहे।
अधिकारी लेते रहे जायजा
बारावफात के जुलूस में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए थे। जगह-जगह पर पुलिस तैनात किए गए थे। सभी थानाध्यक्षों को सतर्क किया गया था। एसपी वीके मिश्र, एएसपी वीरेंद्र कुमार ने भ्रमण कर जायजा लिया। साथ ही वह मातहतों को निर्देश देते रहे।
सैयद सरांवा में मनाया गया जश्न
चायल तहसील के सैय्यद सरांवा में मिलाद-उल-नबी का जश्न धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने हजरत आदम अलैहिस्लाम से लेकर नबी आखिर सल्लाहू अलैहि वसल्लम तक जितने भी नबी इस दुनिया में आए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। जश्न के मौके पर विचार व्यक्त करते हुए मुफ्ती मोहम्मद किताबुद्दीन रिजवी ने कहा कि आज जिनका जश्न मनाया जा रहा है वह इंसानियत के लिए रहमत बनकर आए थे। कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुजीबुर्रहमान ने किया जबकि मौलाना रिफअत रजा नूरी ने हमद व नात पेश की। इस मौके पर शाह सफी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा लंगर आम का इंतजाम किया गया था।
शायरी का दौर, लोगों ने उठाया लुत्फ
मंझनपुर के हजरतगंज मोहल्ले में स्थित मीरा मियां के इमामबाड़े में जश्न-ए-ईदे-जहरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मौलाना ने तकरीर की वहीं शायरों ने मोहम्मद और आले मोहम्मद की शान में कसीदे पढ़कर वाहवाही लूटी। रविवार की रात मीरा मियां के इमामबाड़े में हुसैनी मिशन की ओर से जश्न-ए-ईदे-जहरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत तेलावते हदीसे किसा से की गई। इसके बाद मौलाना मोहम्मद आबिद ने तकरीर कर ईदे जहरा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तकरीर के बाद शेरों शायरी का दौर शुरू हुआ। जेनां जफ्राबादि ने बेहतरीन कलाम पेश कर वाहवाही लूटी। इसके बाद बेताब हल्लोरी ने शेर पढ़ा तो सुनने वाले वाह-वाह कर नार-ए-हैदरी लगाने लगे। इस मौके पर नफीस हल्लोरी, आमिर फैजाबादी, नायाब बलयावि सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।