सरायअकिल कोतवाली के पिपरहटा गांव में शनिवार अपराह्न मानसिक रूप से बीमार एक युवक निर्माणाधीन बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए परिजन और ग्रामीण मिन्नतें करते रहे रहे, लेकिन वह किसी तरह राजी नहीं हो रहा था।
सरायअकिल कोतवाली के पिपरहटा गांव में शनिवार अपराह्न मानसिक रूप से बीमार एक युवक निर्माणाधीन बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए परिजन और ग्रामीण मिन्नतें करते रहे रहे, लेकिन वह किसी तरह राजी नहीं हो रहा था। परिवार वालों से फोनकर मामले से पुलिस को अवगत कराया। मौके पर पहुंची पुलिस और विक्षिप्त युवक के फौजी भाई ने किसी तरह बहला फुसलाकर उसे सकुशल टावर से नीचे उतारा।
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पिपरहटा गांव निवासी इंदर लाल ने बताया कि उनके बेटे साहेबदीन की मानसिक हालत कई वर्षों खराब है। उसका इलाज भी चल रहा है। घर के लोग उसे हमेशा निगरानी में रखते हैं। इंदर लाल के मुताबिक शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे घरवाले काम में व्यस्त हो गए। इसी बीच साहेबदीन चुपके से घर से निकल गया और गांव के समीप एनटीपीसी लोहगरा से गुजरने वाले निर्माणाधीन बिजली के टॉवर पर ऊंचाई पर चढ़ गया।
साहेबदीन को टॉवर पर चढ़ा देख गांव वालों ने घर आकर सूचना दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण और घर के लोग उससे नीचे उतारने के लिए मान मनौव्वल करते रहे, लेकिन वह टॉवर से नीचे उतरने को राजी नहीं हुआ। सूचना के बाद मौके पर पहुंची तिल्हापुर चौकी पुलिस और साहेबदीन का छोटा फौजी भाई किसी तरह उसे चश्मा और टोपी का लालच देकर किसी तरह नीचे उतारा। उसके नीचे उतरने के बाद घर के लोगों ने राहत की सांस ली और साहेबदीन को घर ले गए।