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सदस्यों को लेकर एक पक्ष गायब

Sat, 12 Aug 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले उप चुनाव की जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है। मधुपति और अनामिका सिंह के बीच खींचतान तेज हो चुकी है। एक पक्ष आधे से ज्यादा सदस्यों को लेकर भूमिगत हो गया है। यही कारण है कि दूसरे खेमे की गणित गड़बड़ाने लगी है। भाजपा के  कार्यकर्ता सदस्यों से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं। वे अब सदस्यों के दोस्तों और परिजनों के माध्यम से उन तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
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मधुपति के इस्तीफा देने से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी खाली है। 22 अगस्त को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना है। अभी तक दो ही दावेदार सामने आए हैं। मधुपति दोबारा मैदान में उतरेंगी, यह लगभग तय हो चुका है। पूर्व विधायक वाचस्पति अपनी पत्नी मधुपति को कुर्सी पर बैठाने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा दिए हैं। इसीलिए उन्होंने सपा का दामन छोड़ भाजपा का भगवा गमछा ओढ़ा था। भाजपा में आने के बाद से उनकी चाल भी तेज हुई है।

भाजपाइयों को लामबंद कर वह जिला पंचायत पर तीसरी कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं चायल के पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनू सिंह पूर्व विधायक के सपनों पर पानी फेर सकते हैं। वार्ड नंबर एक से सोनू सिंह की पत्नी अनामिका सिंह जिला पंचायत सदस्य हैं। अनामिका सिंह ने ही मधुपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। अविश्वास की कार्रवाई से बचने के लिए मधुपति ने इस्तीफा दिया था। अनामिका को कुर्सी पर बैठाने के लिए सोनू सिंह ने राजनीति के सारे दावपेंच आजमाने शुरू कर दिए हैं।
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चर्चा है कि कई सदस्य सोनू सिंह के साथ कहीं चले गए हैं। चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही सोनू सिंह के खेमे के सदस्यों ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। इससे भाजपा खेमे में बेचैनी है। साजन मौर्य समेत तमाम सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनके परिजनों के जरिए वह उनसे मिलने की कोशिश में हैं। दोस्तों की घेराबंदी कर मुलाकात का प्रयास किया जा रहा है। 22 अगस्त को मतदान होना है। 16 को नामांकन होगा। नामांकन के बाद से यह चुनाव जोर पकड़ेगा।
 
दावा न होने पर मधुपति ही भाजपा प्रत्याशी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए भाजपा की ओर से मधुपति की दावेदारी है। जिलाध्यक्ष रमेश पासी का कहना है कि अभी तक मधुपति के अलावा किसी दूसरे ने चुनाव लड़ने के लिए दावा नहीं किया है। यदि भाजपा का कोई दूसरा सदस्य दावा नहीं करता है तो मधुपति ही भाजपा की प्रत्याशी रहेंगी। हालांकि इसको लेकर भाजपाई एकराय नहीं हैं। कई मसलों को लेकर भीतरखाने विरोध हो रहा है लेकिन मजबूरी यह है कि चुनाव लड़ने के लिए कोई तैयार नहीं है।
 
सपा-बसपा के सदस्य होंगे निर्णायक
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में सपा-बसपा के जिला पंचायत सदस्य निर्णायक भूमिका में होंगे। 29 सदस्यों वाली जिला पंचायत में सबसे ज्यादा सपा व बसपा के ही सदस्य हैं। सोनू सिंह के पक्ष में सपा व बसपा के सदस्य लामबंद हैं। सदस्य इसको लेकर तमाम कारण भी बता रहे हैं। पूर्व विधायक से उनकी नाराजगी उपचुनाव में खुलकर सामने आ गई है। इसको भांपते हुए पूर्व विधायक ने भी पलटवार की तैयारी शुरू कर दी है। रूठों को मनाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
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