जनपद न्यायालय परिसर में रविवार को मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान 44 सरकारी विभागों का कैंप लगाया गया। जिसमें दिव्यांगों, बुजुर्गों व गर्भवतियों महिलाओं समेत 5,740 को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
जनपद न्यायाधीश जेपी यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में 4,668 स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 3.76 करोड़ रुपये की धनराशि का डमी चेक दिया गया। इसमें 3.25 करोड़ सामुदायिक निवेश निधि और 51 लाख रुपये रिवॉल्विंग फंड के भी शामिल हैं।
इसके साथ ही कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के अंतर्गत पारसनाथ को 24 लाख व बच्ची देवी को चार लाख रुपये की सहायता के साथ ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई। ओडीओपी टूलकिट योजना के तहत पांच लाभार्थियों को सिलाई मशीन किट व सीएम युवा उद्यमी योजना के पांच लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए। शिविर में 18 पात्रों को आयुष्मान कार्ड का वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान ही गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया।
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मिली निशुल्क विधिक सहायता व अधिकारों की जानकारी
विधिक सहायता प्रकोष्ठ ने कैंप में आए लोगों को निशुल्क विधिक सहायता, अधिकारों व विभिन्न कानूनों के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही पात्र व्यक्तियों के आवेदन लेकर उनके समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति को लाभान्वित करना है।इस मौके पर अपर जनपद न्यायाधीश व नोडल अधिकारी मेगा कैंप रमेश, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अमित मालवीय, अपर जनपद न्यायाधीश तृतीय शरीन जैदी, अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ फरीदा बेगम, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।