बिजली खर्च में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए शासन ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशाम्बी में 765 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने की मंजूरी है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने सोलर प्लांट लगाने के लिए गुरुग्राम स्थित ओएमसी पावर प्राइवेट लिमिटेड से करार किया है।
यह प्लांट मेडिकल कॉलेज, संबद्ध अस्पताल व छात्रावास भवनों की छतों लगाए जाएंगे। इस प्लांट से निजी कंपनी अगले 25 वर्षों तक मेडिकल कॉलेज को 4.85 प्रति यूनिट की दर से बिजली देगी।
यह योजना उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) के निर्देश पर लागू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर बिजली व्यय कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। तय शर्तों के अनुसार चयनित कंपनी प्लांट की स्थापना के साथ-साथ 25 वर्षों तक उसका संचालन और रखरखाव भी करेगी।
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्लांट स्थापना के दौरान भवनों को किसी प्रकार की क्षति नहीं होनी चाहिए। अगर कार्य के दौरान कोई नुकसान होता है तो उसकी मरम्मत कंपनी अपने खर्च पर कराएगी। खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए कॉलेज प्रशासन को कोई प्रारंभिक निवेश नहीं करना पड़ेगा।
सोलर प्लांट लगने से मिलेगी सस्ती बिजली
सोलर प्लांट से मेडिकल कॉलेज को 25 वर्षों तक 4.85 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध होगी, जबकि वर्तमान में 7.85 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ता है। प्लांट लगने से हर साल लाखों रुपये बचने की संभावना है।
प्रोजेक्ट मैनेजर अंकित सिंह के अनुसार प्लांट स्थापना का कार्य 15 से 20 दिनों में शुरू होगा। लगभग पांच महीने में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। तैयार होने के बाद सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली नजदीकी सब-स्टेशन को दी जाएगी, जहां से मेडिकल कॉलेज को आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
::वर्जन::
सोलर पैनल लगने से कॉलेज को प्रदूषणमुक्त ग्रीन ऊर्जा प्राप्त होगी और सरकारी धन की बचत होगी। इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।