ब्लॉक क्षेत्र में 22 वर्ष की उम्र से ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण की मजबूत पहचान बन चुकीं राला गांव की माया देवी अपने साथ दूसरों को भी स्वावलंबन की राह दिखा रहीं हैं। माया ने बताया कि कम उम्र में कोरोना काल के दौरान पिता की मौत के बाद उन्होंने आजिविका मिशन से जुड़कर समूह का गठन किया था।
एमए पास 28 वर्षीय माया देवी ने बताया कि वह छह वर्ष पहले तक बेरोजगार थीं। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता बाबूलाल के निधन से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया। ऐसे कठिन समय में उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जानवी महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर कॉस्मेटिक की दुकान शुरू की। उनके प्रयास और लगन को देखते हुए उन्हें समूह सखी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके बाद माया देवी ने गांव की अनपढ़ और बेरोजगार महिलाओं को संगठित करते हुए 20 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया, जिनमें करीब 200 महिलाओं को जोड़ा। उन्होंने महिलाओं को विभिन्न रोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। साथ ही राशन कार्ड, बिजली और गैस कनेक्शन दिलाकर उन्हें जागरूक भी किया।
बेहतर कार्य के चलते सितंबर 2025 में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, ककोढ़ा में कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी मिली। यहां वे 230 छात्रों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था करती हैं और समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
एडीओ आईएसबी महेंद्र कुमार ने बताया कि माया देवी का कार्य सराहनीय है। वे कैंटीन संचालन के साथ-साथ समूह सखी की जिम्मेदारियों का भी बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।