जिले में बुधवार को भी अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर अटका रहा। जबकि, न्यूनतम सामान्य से दो डिग्री ऊपर चला गया। पूरे दिन चिलचिलाती धूप रही। छाता, गमछा व टोपी लगाने के बाद भी चलना दुश्वार रहा। शाम को उमस ने बेहाल कर दिया। तेज धूप के चलते फसलों को सिंचाई अधिक करनी पड़ रही है। ऐसे में किसान भी परेशान हैं।
मंगलवार को जिले में अधिकतम पारा 45.2 और न्यूनतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस था। बुधवार को मामूली बढ़त के साथ अधिकतम 45.4 पर पहुंच गया। जबकि, न्यूनतम 30.6 पर आ गया। भले ही न्यूनतम पारे में एक डिग्री की गिरावट आई हो, लेकिन इसके बाद भी यह सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक ही था। आसमान सुबह से ही आग बरसाने लगा था। लोगों का घरों से निकलना दूभर रहा। कादीपुर के नरेश कुमार ने बताया कि करीब 10 बजे जरूरी काम से मंझनपुर जाने के लिए बाइक से निकला था। करीब एक किमी की दूरी तय की थी। फिर, चिलचिलाती धूप में और आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। वापस घर आ गया। कौशाम्बी के किसान जय नारायण मिश्रा ने बताया कि धान की बेहन डाली है। खेत में पानी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। धूप इतनी चटख हो रही है कि सिर्फ दूसरे दिन तक नमी रहती है। तीसरे दिन देखा तो फिर खेत में दरारें दिखने लगती है। कुछ इसी तरह की समस्या भेलखा के राज बहादुर, ओसा के अमरपाल और सिराथू के शिवशंकर ने भी बताई। किसानों ने कहा कि खेत में पानी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। सिंचाई का खर्च बढ़ गया है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. मनोज कुमार सिंह का कहना है कि नौ जून तक मौसम ऐसा ही रहेगा। मौसम विभाग ने लू के संकट को लेकर अलर्ट जारी किया है।