मंझनपुर। आग से जली एक किशोरी को शनिवार को जिला अस्पताल से एसआरएन रेफर किए जाने से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी। यह भी आरोप है कि बचाव के लिए एक वार्ड ब्वॉय को भी पीट दिया। इससे चिकित्सालय में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के अचाकापुर गांव की नेहा (14) पुत्री प्रमोद मौर्य शनिवार सुबह आग से झुलस गई थी। इस पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। बताया जाता है कि इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर विजय शंकर केसरवानी ने हालत नाजुक देखकर प्राथमिक इलाज के बाद किशोरी को एसआरएन इलाहाबाद रेफर कर दिया। इसी को लेकर परिजनों की डॉक्टर से कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसी बीच किशोरी के परिवार वालों ने डॉक्टर को पीटना शुरू कर दिया। वार्ड ब्वाय अमित कुमार बचाव करने पहुंचा तो उसको भी पीट दिया गया। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। चिकित्सकों व तीमारदारों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इस बीच हंगामे की खबर पाकर पुलिस अस्पताल पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पीड़ित चिकित्सक विजय केसरवानी ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। डॉक्टर का कहना है कि रेफर करने पर किशोरी के साथ आए दो लोगों ने पिटाई की। नगर कोतवाल पवन त्रिवेदी का कहना है कि दो लोगाें को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। डॉक्टर ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
घटना से आक्रोशित डॉक्टर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी होते ही प्रभारी सीएमएस डॉ. अरविंद कनौजिया ने सभी को समझाया। नतीजा रहा कि हड़ताल नहीं की गई। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो हड़ताल की जाएगी। वहीं प्रभ्ाारी सीएमएस डॉ. अरविंद कनौजिया का कहना है िककि परिजन न तो मरीज को एसआरएन ले जाने के लिए तैयार हो रहे थे और न ही भर्ती करने के लिए कागजों पर साइन कर रहे थे। इसी बात को लेकर उन्होंने वार्ड ब्वाय को पीटा। डॉक्टर का भी कॉलर पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर हड़ताल की जाएगी।