हरिद्वार के कलियर शरीफ़ में साबिर पिया की मजार में जियारत करने गए भरवारी के मैसर का 48 घंटे बाद भी पता नहीं लग सका। मैसर साथियों के साथ शनिवार को हरिद्वार गया था और नहर में नहाते वक्त गहरे पानी में समा गया। परिजनों ने बताया कि हरिद्वार पुलिस सहयोग नहीं कर रही। स्थानीय गोताखोर नहर में खोजबीन कर रहे हैं। पांच लाश निकाली जा चुकीं, लेकिन उसमें कोई मैसर नहीं था। खुद पुलिस को भी उन शवों के बाबत कुछ पता नहीं था।
नगर पालिका भरवारी के एपीजे अब्दुल कलाम नगर निवासी मैसर अली उर्फ़ मोनू (21) अपने साथी मो. शमी उर्फ सोनू, मो. फैजुर्हमान उर्फ़ राजू, शादाब, अदनान निवासी प्रयागराज के साथ शुक्रवार हरिद्वार के कलियर शरीफ़ जियारत करने निकले l शनिवार दोपहर कलियर शरीफ़ में साबिर पिया की दरगाह पहुंचे l जियारत करने से पहले सभी एक नहर में नहाने चले गए। इस दौरान मैसर नहर के तेज बहाव में बह गया।
साथियों की सूचना पर मैसर के पिता हसमत उल्ला परिवार के साथ मौके पर पहुंचे। हसमत उल्ला ने बताया कि पुलिस मैसर की तलाश में कोई मदद नहीं कर रही है। हसमत के मुताबिक पुलिस वालों का कहना है नहर में यहां अक्सर लोग डूब जाते हैं। फोन पर अमर उजाला से बातचीत में हसमत ने बताया कि स्थानीय गोताखोर मैसर की तलाश कर रहें हैं। नहर से पांच शव भी निकाले जा चुके, लेकिन उसमें मैसर नहीं था। बेटे का अब अब मैसर के सकुशल मिलने की उम्मीद टूट चुकी है।