बाजार का खुला दूषित खानपान लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। लोग टायफाइड के साथ ही बदहजमी के शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि टायफाइड बुखार में पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रतिदिन 10-12 मरीज इस बीमारी को लेकर पहुंच रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीबी अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ लोगों के खानपान में बदलाव आया है। खासकर युवा एवं बच्चे बाजार के भोजन को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में चाट-पकौड़ी, कचौड़ी, समोसे, मोमोज, चाऊमीन, इडली-डोसा आमतौर पर खुले में होते हैं। इन खाद्य पदार्थों के सेवन से सबसे ज्यादा पेट से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि टायफाइड में शरीर का सबसे अधिक आंत प्रभावित होता है। टायफाइड बुखार में पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है लेकिन समय के साथ-साथ शरीर के कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं।
बचाव के उपाय
-हाथों को साफ करके भोजन करें।
- कच्ची सब्जियां न खाएं।
- कच्चा दूध न पीएं।
- फलों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
-बाजार के खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-भोजन करने से पहले हाथ धोएं।
लक्षण : तेज बुखार, भूख में कमी, सिरदर्द, गले में खराश, चकत्ते, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सूखी खांसी आदि।
कई दिन से बुखार आ रहा है। जोड़ों में दर्द रहता है। डॉक्टर को दिखाया है। तीन दिन की दवा दी गई है। -घनश्याम, रहीमपुर मोलानी
करीब चार दिन से बुखार के साथ सूखी खांसी आ रही रही है। गांव के डॉक्टर से दवा ली थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज सीएचएस में डॉक्टर ने पांच दिन की दवा दी है। -परनिया, ताहिरपुर
करारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जांच करते डॉ. बीबी अग्रवाल- संवाद
करारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जांच करते डॉ. बीबी अग्रवाल- संवाद