जिले की प्रमुख बाजारें सजकर तैयार हो गईं हैं। सराफा, बर्तन, वाहन और इलेक्ट्राॅनिक्स व्यापारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। व्यापारियों ने धनतेरस पर 18 से 20 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई है।
धनतेरस पर बर्तन और सोने-चांदी के साथ ही वाहन, जमीन, घर, लग्जरी-वस्तुओं के अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली वस्तुओं को खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई संपत्ति में तेरह गुना वृद्धि होती है। मंझनपुर, करारी, भरवारी, सिराथू, अजुहा, मूरतगंज, मनौरी, सरायअकिल में बाजारें दुल्हन की तरह सज गई हैं। ग्राहकों का रुझान देख दुकानदारों ने ऑफर का पिटारा खोल दिया है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष योगेश केसरवानी ने बताया कि इस साल धनतेरस व दीपावली के दौरान 18-20 करोड़ के कारोबार होने की उम्मीद है।
कस्बे की सड़कों पर दिनभर लगा जाम
धनतेरस की पूर्व संध्या पर कस्बे की सड़कों पर दिनभर रौनक रही। शाम होते ही लोग बाजारों में धनतेरस की खरीदारी के लिए उमड़ पड़े जिससे मुख्य बाजार, बस स्टैंड और स्टेशन रोड पर जाम लग गया। बर्तन, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खिलौने, दीपक और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई। मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भी खरीदारी चरम पर रही। त्योहार के चलते ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालांकि, पुलिस व नगर पालिका कर्मियों ने यातायात सुचारू रखने का प्रयास किया।
सज गई बर्तनों की दुकानें
बर्तनों की दुकानें रोशनी और चमक से जगमगा उठीं। बाजारों में ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। इस बार स्टील, पीतल और कांसे के बर्तनों की अधिक मांग है। डिनर सेट, लोटा, थाली और गिलास ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। व्यापारी गोल बाबू, प्रदीप वर्मा और शिवम रस्तोगी ने बताया कि लोगों की पसंद को देखते हुए हल्के, वजनी और नई वैरायटी के बर्तन मंगाए गए हैं। दुकानों पर खरीदारी देर रात तक जारी रहने की संभावना है।
ऑटो मोबाइल्स बाजार में भी रौनक
जिले की बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ इस समय दो पहिया एजेंसी में दिखाई दे रही है। व्यापारियों के मुताबिक, जीएसटी की दर कम होने से इस बार व्यापार और अच्छा होने की उम्मीद है। बाबा मोटर्स के डायरेक्टर अमित केसरवानी, आकर्ष गोपाल के रजनीश कुमार व संगम ऑटोमोबाइल के शशि शेखर जायसवाल ने बताया कि इस बार जीएसटी दर कम होने व पर्व के दौरान मिलने वाले ऑफर के कारण लोग वाहन ज्यादा खरीद रहे हैं।
मिट्टी के साथ बाजार में डिजाइनर गणेश-लक्ष्मी भी
साल-दर-साल त्योहारों में परंपराओं के साथ आधुनिकता का तड़का भी लग रहा है। मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश की जगह अब आधुनिक डिजाइनर मूर्ति ले रही हैं। मिट्टी को मूर्ति जहां 50 से लेकर 250 रुपये तक की हैं। वहीं डिजाइनर मूर्तियों के दाम डेढ़ सौ रुपये से लेकर 350 रुपये तक है। पीतल और तांबे की मूर्तियां भी बाजार में मौजूद हैं।
कपड़े की दुकानों पर बढ़ी भीड़
कपड़े की दुकानें पूरी तरह से सज चुकी है। बाजारों में नेट, ऑर्गेंजा और बनारसी साड़ियों की मांग अधिक है। जबकि, पारंपरिक के साथ मॉडर्न लुक पसंद करने वाली महिलाओं के लिए क्रंची, लूज फैंसी और ग्लास कॉटन साड़ियों की डिमांड भी बढ़ी है। करारी के कपड़ा व्यापारी संतोष वर्मा, दिलीप कुमार और पप्पी केसरवानी के अनुसार, साड़ियों की कीमत एक हजार से सात हजार रुपये तक और सूट की कीमत सात सौ से तीन हजार रुपये तक है। बाजार में फ्लोरल प्लाजो सूट, कोर्ड सेटऔर ग्लास कॉटन की खूब खरीदारी हो रही है। वहीं चुन्नियों की बिक्री भी बढ़ गई है जो लगभग हर महिला की खरीदारी की सूची में शामिल है। बिक्री बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
धनतेरस पर सजीं दुकानें, ग्राहकों का इंतजार
धनतेरस पर्व को लेकर कस्बे के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सिराथू, सैनी, अजुहा व देवीगंज बाजारों में बर्तन, मूर्तियां, खिलौने व मिठाई की दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। ट्रैक्टर और बाइक की एडवांस बुकिंग भी पूरी हो चुकी है। स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी के राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 10 ट्रैक्टर की एडवांस बुकिंग हुई है, जबकि सरस्वती मोटर के संजय जायसवाल ने कहा कि 15 ग्राहकों ने बाइक बुक की है। दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए विशेष उपहार की व्यवस्था की है। शनिवार को भारी भीड़ की संभावना है।
सिराथू कस्बे में लगी लाई गट्टे की दुकान। संवाद
सिराथू कस्बे में लगी लाई गट्टे की दुकान। संवाद
सिराथू कस्बे में लगी लाई गट्टे की दुकान। संवाद
सिराथू कस्बे में लगी लाई गट्टे की दुकान। संवाद
सिराथू कस्बे में लगी लाई गट्टे की दुकान। संवाद