छह साल पहले जलकर मरी छात्रा के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम कीर्ति कुणाल की अदालत ने मंगलवार को आरोपी कोदीषी ठहराया। कोर्ट ने छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए छह साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार मंझनपुर कोतवाली के एक गांव में रहने वाली महिला की बहन की बेटी (भतीजी) उसके घर में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान छह नवंबर 2016 को कोखराज कोतवाली के ककोढ़ा निवासी रामचंद्र का बेटा दुर्गा प्रसाद कोरी उसके घर आया और छात्रा से अपने प्रेम-प्रसंग का हवाला देकर शादी करने का दबाव बनाने लगा।
इससे आहत छात्रा ने घर के अंदर ही खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। इस दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतका की मौसी ने नामजद एफआईआर दर्ज करा दी। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में चली। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने और दोनों पक्षों की गवाही सुनकर मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दुर्गा प्रसाद को दोषी करार दिया। इसके साथ ही उसको छह साल के कारावास की सजा सुनाई। उस पर 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।