बोट की ठेकेदारी और ठीहा के वर्चस्व को लेकर बृहस्पतिवार रात बालू घाट गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। छर्रे लगने से चार डंपरों के शीशे टूट गए। चालक ट्रक और डंपर छोड़कर भाग निकले। इससे पूरी रात बालू घाट पर लोडिंग बंद रही। घटना प्रयागराज के लालापुर कोतवाली क्षेत्र के मझियारी बालू घाट की है। यह इलाका कौशाम्बी से निकट है। यहां बालू घाट है, जहां खनन होता है।
पिपरी कोतवाली के दुर्गापुर और औधन गांव के सामने प्रयागराज के मझियारी व नौढ़िया यमुना घाट से बालू खनन का पट्टा है। यमुना नदी की धारा प्रयागराज की तरफ होने के चलते पट्टाधारक बालू खनन कर परिवहन कौशाम्बी के पिपरी इलाके से करते हैं।
वहीं, स्थानीय लोग नदी की धारा से मोटी बालू का अवैध खनन कर बोट से किनारे ठीहा लगाकर ऊंचे दाम पर बेचते हैं। अवैध बोट की ठेकेदारी और ठीहा के वर्चस्व को लेकर घाट पर आए दिन विवाद होता रहता है। बृहस्पतिवार रात दस बजे के करीब बोट की ठेकेदारी और ठीहा को लेकर आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने फायरिंग कर दी।
गोली के छर्रे से घाट पर बालू लोडिंग के लिए खड़े चार डंपरों का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। फायर की आवाज से घाट पर अफरा तफरी मच गई। चालक डंपर छोड़ कर भाग निकले। इससे पूरी रात बालू की लोडिंग बंद रही। लोगों ने बताया कि 15 मिनट में पांच राउंड फायरिंग की गई। इससे बालू घाट पर अफरातफरी मची रही।
छर्रे से क्षतिग्रस्त डंपर समेत चालकों को पट्टेधारकों ने रात में ही घाट से भगा दिया। गोलीबारी की घटना को लेकर पट्टाधारको ने चुप्पी साध रखी है। पिपरी कोतवाली के प्रभारी थानाध्यक्ष शेरसिंह ने बताया कि गोलीबारी की जानकारी मिली है। घटना प्रयागराज के लालापुर कोतवाली क्षेत्र की है। लालापुर कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है।
गोली के छर्रे से 12 दिन पहले शिवलखन हुआ था घायल
नौढ़िया घाट पर छह अप्रैल की रात भी बोट की ठेकेदारी और ठीहा लगाने को लेकर फायरिंग हुई थी। जिसमें पिपरी कोतवाली के औधन गांव निवासी शिवलखन के कमर में छर्रे धंस गए थे। घटना की जानकारी पाकर पिपरी पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पिपरी पुलिस की सूचना पर आई लालापुर कोतवाली पुलिस ने घायल को इलाज के लिए प्रयागराज ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया था।