कोखराज कोतवाली के भटपुरवा गांव के समीप रेलवे लाइन पर मंगलवार सुबह दो टुकड़ों में मिले अशर्फीलाल के शव की गुत्थी उलझी हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का है। लेकिन यह आशंका भी है कि उसे जान देने के लिए विवश गया हो। फिलहाल, तफ्तीश में फोन कॉल डिटेल अहम सूत्र होगा।
शिवपुर अहिरारा गांव निवासी अशर्फीलाल प्राइवेट वाहन चलाता था। एक ईंट भट्ठे में रहने वाली युवती से उसकी दोस्ती थी। कुछ दिनों पहले दोनों एक साथ देखे गए तो हल्ला मचा। मामला पुलिस तक पहुंचा। बाद में दोनों पक्ष के परिजनों में समझौता हो गया।
अशर्फीलाल के छोटे भाई राजेंद्र ने बताया कि वह (अशर्फी) शनिवार को घर से बिना बताए कहीं चला गया था। परिवार के लोगों ने सोचा कि किसी का वाहन लेकर कहीं गया होगा। सोमवार को अशर्फीलाल ने फोन करके बताया कि वह गाड़ी लेकर मैहर जा रहा है। इसके अगले दिन भटपुरवा गांव के समीप अशर्फीलाल का शव मिला।
छानबीन के दौरान पता चला कि अशर्फीलाल जिस युवती से प्यार करता था, उसकी मंगलवार को बारात आनी थी। संभव है युवती के फोन पर बुलाने के बाद वह भटपुरवा गया होगा। भरवारी चौकी प्रभारी का कहना है कि शव की हालत देखने से लग रहा था कि अशर्फीलाल ने खुदकुशी की है। सिर धड़ से अलग था। पुलिस को अशर्फीलाल के पास से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें जान देने की बात तो है लेकिन वह खुदकुशी करने जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं है।
इंस्पेक्टर इंद्रदेव का कहना है कि जो सुसाइड नोट है, उसे सील मुहर कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। परिवार वालों की तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई। ऐसे में अशर्फी के फोन की कॉल डिटेल से ही पता चल सकेगा कि वह घटना स्थल तक किसके बुलाने पर गया। क्या परिस्थिति बनी कि उसे जान देना पड़ा। इन सारे बिंदुओं की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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सवाल और जांच के अहम बिंदु
विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है, ऐसे में युवती की शादी मंगलवार को कैसे हो सकती है? यह जानकारी अशर्फी तक किसने पहुंचाई।
अशर्फीलाल 10 वीं पास था। चौकी इंचार्ज के मुताबिक, सुसाइड नोट की लिखावट काफी अच्छी थी। हैंड राइटिंग का मिलान कराने क्यों नहीं भेजा गया। घर वालों को सुसाइड नोट क्यों नहीं दिखाया गया।
युवक ने खुदकुशी की है अथवा फिर उसे नशीला पदार्थ खिलाने के बाद रेल पटरी पर लाकर लिटाया गया।
वर्जन
पुलिस घटना की कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जरूरत होगी तो इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्य भी एकत्र किए जाएंगे।
- इंद्रदेव सिंह, इंस्पेक्टर कोखराज