लोक अदालत का उद्घाटन करते प्रशासनिक न्यायमूर्ति
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जिला न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। प्रशासनिक न्यायमूर्ति केजे ठाकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिला जज दिलीप सिंह यादव की अध्यक्षता में कुल 4512 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें सबसे ज्यादा राजस्व न्यायालय व फौजदारी के मामले रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए प्रशासनिक न्यायमूर्ति केजे ठाकर ने कहा कि देश की विभिन्न न्यायालयों में लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आपसी सुलह-समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण किया जाता है। लोक अदालत में निस्तारित वादों में दोनों पक्षों के समय व धन की बचत होती है। साथ ही न किसी की हार होती है और न ही किसी की जीत।
लोक अदालत में वादों के निस्तारण में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बाद लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर दवा याचिका के सात, फौजदारी वाद के 640, वैवाहिक वाद के 20, विद्युत से संबंधित 32 व बैंक के कुल 99 मामले निपटाए गए। राजस्व न्यायालय के 3697 वादों का भी निस्तारण किया गया। राजस्व के इतने भारी भरकम मामलों का निस्तारण होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
लोक अदालत में इतनी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण होने पर प्रेम प्रकाश सचिव पूर्ण कालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी व नोडल अधिकारी व जिला जज दिनेश पाल यादव ने सभी न्यायिक अधिकारियों व राजस्व अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।